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Shimla News: प्रबोध सक्सेना बोले- डीएफओ को शक्तियां देने से आसानी से मिलेंगे परमिट
Thu, 09 Nov 2023 07:55 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:55 PM IST
सार
जैव विविधता उत्पादों को लाने ले जाने के लिए टांजिट परमिट डीएफओ जारी करते हैं अब बोर्ड के लिए एबीसी शुल्क (लाभ साझा करने) की वसूली का भी अधिकार भी डीएफओ दे दिया गया है।
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मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जैव विविधता अधिनियम 2002, नियम 2004 और संशोधन 2023 के तहत वन विभाग के डीएफओ स्तर के अधिकारियों को दी शक्तियों को लेकर क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने की। उन्होंने कहा कि जैव विविधता उत्पादों को लाने ले जाने के लिए टांजिट परमिट डीएफओ जारी करते हैं अब बोर्ड के लिए एबीसी शुल्क (लाभ साझा करने) की वसूली का भी अधिकार भी डीएफओ दे दिया गया है।
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इसके अलावा राज्य जैव विविधता बोर्ड की की ओर से जैव विविधता उत्पादों के कारोबार के लिए एग्रीमेंट करने की शक्तियां भी वन विभाग के डीएफओ को दी गई है। होटल हॉलीडे होम में क्षमता निर्माण को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कहा कि वन विभाग के डीएफओ को शक्तियां सौंपने से व्यापार परमिट प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और एबीएस शुल्क एकत्र करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राज्य जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव डीसी राणा ने जैव विविधता के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया।
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बोर्ड के संयुक्त सदस्य सचिव सतपाल धीमान ने जैव विविधता के संरक्षण के लिए तुरंत गंभीरता से काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। क्षमता निर्माण कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित सेवानिवृत्त पीसीसीएफ जीएस गोराया ने औषधीय पौधों के व्यापार को व्यवस्थित करने में वन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। पीसीसीएफ (हॉफ) राजीव कुमार ने कार्यक्रम में बतौर विशेष अतिथि शिरकत की।
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