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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Power Crisis in Four Districts of Himachal Pradesh 2897 transformers have been disrupted

Power Crisis: चार जिलों में बिजली संकट, 2897 ट्रांसफार्मर ठप; ब्यास किनारे क्रशर चलाने पर रोक

Thu, 24 Aug 2023 12:18 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 24 Aug 2023 12:18 PM IST
सार

हमीरपुर में 376, मंडी में 1142, शिमला में 598 और सोलन में 410 ट्रांसफार्मर बंद हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ब्यास नदी के तट और उसकी सहायक नदियों में स्टोन क्रशर तुरंत प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है।

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Power Crisis in Four Districts of Himachal Pradesh 2897 transformers have been disrupted
कालका-शिमला हाईवे पर ब्रूरी के पास मरम्मत करते कर्मी। - फोटो : संवाद

विस्तार

प्रदेश में भारी बारिश के बीच सोलन, शिमला, मंडी और हमीरपुर जिले में बिजली संकट गहरा गया है। ऑरेंज अलर्ट के बीच जारी भारी बारिश के चलते प्रदेश में 2897 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। आधे से अधिक ट्रांसफार्मर इन चार जिलों में हैं। मंडी में 1142, शिमला में 598, हमीरपुर में 376 और सोलन में 410 ट्रांसफार्मर बंद हैं।

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इसके अलावा कुल्लू जिले में 124, सिरमौर जिले में 158 और ऊना जिले में 80 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। भारी बारिश के बीच बिजली लाइनों को दुरुस्त करना बोर्ड के कर्मचारियों के लिए चुनौतीपूर्ण है। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में बहुत ज्यादा बारिश से बड़ी संख्या में पेड़ गिरे हैं। इसकी वजह से बिजली के तार को नुकसान हुआ है।  कई जगह भूस्खलन से ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हैं। हमीरपुर में 376, मंडी में 1142, शिमला में 598 और सोलन में 410 ट्रांसफार्मर बंद हैं। 
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स्कूली खेलें 15 सितंबर तक बंद
प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से आई प्राकृतिक आपदा के चलते उच्च शिक्षा निदेशालय ने 15 सितंबर तक स्कूलों में होने वाली खेलकूद और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं पर रोक लगा दी है। सभी जिला उपनिदेशकों इस बारे में बता दिया है। 
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ब्यास, सहायक नदियों के उफान पर होने से सरकार ने लिया फैसला 
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ब्यास नदी के तट और उसकी सहायक नदियों में स्टोन क्रशर तुरंत प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है। सीएम ने कहा कि बरसात की परिस्थितियों को देखते हुए कांगड़ा जिले में चक्की नदी के अलावा कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर जिलों में ब्यास और इसकी सहायक नदियों के उफान पर होने के कारण यह निर्णय लिया है। अगले आदेश तक बारहमासी और गैर-बारहमासी दोनों नालों के सभी स्टोन क्रशर के संचालन को बंद किया गया है। 

जरूरी और अस्थायी क्रशर दायरे में नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा कैप्टिव (जरूरी) और अस्थायी स्टोन क्रशर इस आदेश के दायरे में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा जलवायु परिवर्तन विभाग को इस प्रकार की विनाशकारी स्थिति उत्पन्न करने वाले कारकों की पहचान करने के लिए आईआईटी, एनआईटी, अनुसंधान एवं विकास संस्थानों और विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों से तुरंत उच्चस्तरीय विशेषज्ञ परामर्श लेने के निर्देश दिए हैं।


नदियों की दूरी की परिसीमाएं फिर से होंगी परिभाषित
सीएम सुक्खू ने कहा कि विभाग अवैज्ञानिक और अवैध खनन गतिविधियों के संचयी प्रभाव के मूल्यांकन के लिए एक बहुक्षेत्रीय विशेषज्ञ समिति का गठन करके एक व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन भी करेगा। इस अध्ययन के निष्कर्ष के आधार पर दूरी से संबंधित परिसीमाएं फिर से परिभाषित की जाएंगी। इससे नदियों के पास पर्यावरण को संरक्षित करने और राज्य में अन्य ऐसी किसी भी मानवजनित आपदा से बचने के लिए ऐसे कार्यों का विनियमन और प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।

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