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1000 रुपये गिरे आलू के दाम, किसानों को लाखों की चपत

Wed, 14 Nov 2018 12:38 PM IST
मणिकुमार सरोआ, अमर उजाला, ऊना
मणिकुमार सरोआ, अमर उजाला, ऊना Updated Wed, 14 Nov 2018 12:38 PM IST
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potato price decline by 1000 rupee in 4 days in una himachal pradesh

आलू की फसल की पटाई अभी तक पूरी तरह से शुरू भी नहीं हो पाई है और बाजार में आलू की नई फसल का मूल्य मात्र चार दिनों में ही 1000 रुपये प्रति क्विंटल गिर गया है। जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान होगा। जिला में कई ऐसे किसान हैं, जिन्होंने कामगार न मिलने के कारण अभी तक आलू की फसल नहीं निकाली है।

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हालांकि कुछ किसानों द्वारा जालंधर, होशियारपुर सहित यूपी-बिहार से कामगारों को आलू की पटाई के लिए बुलाया जा रहा है। वहीं, कुछ किसान जालंधर व होशियारपुर से खुद ही गाड़ी आदि का इंतजाम कर कामगारों को आलू की पटाई के लिए ला रहे हैं। इसके साथ इनका खाने-पीने व रहने का भी इंतजाम किसानों को ही करना पड़ रहा है। आलू की फसल के मूल्य 1000 रुपये कम होकर बाजार में 3300 रुपये से सीधे 2300 रुपये हो गए हैं।
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जिन किसानों ने सैकड़ों कनाल भूमि में आलू की फसल लगाई है, उन्हें सीधे तौर पर ही कई लाख रुपये की चपत लग गई है। जिला के प्रगतिशील आलू उत्पादन करने वाले किसान जगतार सिंह, पवन सैणी, शशि कुमार, दरबारा सिंह तथा प्रकाश चंद ने बताया कि आलू के दाम गिरने से उन्हें लाखों की क्षति होगी। इसकी वजह से किसान चिंतित हैं।

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50 प्रतिशत तबाह हो चुकी है फसल

potato price decline by 1000 rupee in 4 days in una himachal pradesh

जिला ऊना में मौसम की मार से आलू की 50 प्रतिशत फसल पहले ही तबाह हो चुकी है। इसके साथ कई किसानों के खेत भी अत्यधिक पानी के कारण बह गए थे। जिससे किसानों को दोबारा से खेत तैयार कर आलू की फसल की बिजाई करनी पड़ी थी। इस मौसम की मार के कारण हर तीसरे छोटे किसान को कम से कम 5 से 20 हजार रुपये और बड़े किसानों को 4 से 8 लाख रुपये तक की क्षति हुई थी। 

समय पर निकाले आलू की फसल- कृषि उपनिदेशक सुरेश कपूर ने बताया कि कोई भी किसान आलू की फसल के कम होते मूल्यों के कारण समय से पहले आलू की फसल की पटाई न करें। क्योंकि आलू की फसल का निर्धारित समय दो माह है। अगर किसान दो माह से पहले आलू की फसल की पटाई करते हैं तो किसानों को आलू की फसल की उचित पैदावार नहीं मिल पाएगी। 

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