नई औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण उपचार संयंत्र अनिवार्य बनाया जाए: जयराम
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को शिमला में राज्य पर्यावरण एवं संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार शांत और स्वच्छ पर्यावरण को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि वर्तमान और नई स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण के सभी मापदंडों को पूरा किया जाए। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि नई स्थापित होने वाली औद्यागिक इकाइयों में प्रदूषण उपचार संयंत्र अनिवार्य बनाया जाए ताकि पर्यावरण में न्यूनतम प्रदूषण फैले।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी वर्तमान अपशिष्ट उपचार संयंत्र उचित प्रकार से चले, जिससे औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले पानी से प्रदूषण न हो। उन्होंने कहा कि बद्दी-बरोटीवाला, नालागढ़, काला अम्ब व परवाणु जैसे औद्योगिक नगरों में प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए। बद्दी में अपशिष्ट उपचार संयंत्र के सुधार का कार्य शीघ्रता से पूरा किया जाए, जिससे उद्योगों से सिरसा नदी में जाने वाले 1.10 एमएलडी कूडे़ का उपचार सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि कालाअंब में भी अपशिष्ट उपचार संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिससे क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
इसके अतिरिक्त कालाअंब में ठोस कचरा प्रबंधन की सुविधा प्रदान करने का भी प्रस्ताव है। जयराम ठाकुर ने कहा कि जल एवं ठोस कचरा प्रदूषण के अतिरिक्त वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए। यह पाया गया है कि औद्योगिक क्षेत्रों में कच्चे रास्तों पर वाहनों की भारी आवाजाही के कारण वायु प्रदूषण फैलता है। उन्होंने निर्देश दिए कि टैंकरों से पानी उपलब्ध करवाकर कच्चे सड़क मार्गों पर धूल हटाने के लिए नियमित रूप से सफाई की जाए। इसके साथ ही सड़क किनारे वृक्ष लगाए जाएं। इन क्षेत्रों में खुले स्थानों पर हरित क्षेत्र, बगीचे और पार्क विकसित किए जाएं, जिसका लाभ लोगों को मिलेगा।
मल निकास पाइपों के समुचित डिजाइन और रखरखाव करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को मल निकास पाइपों के समुचित डिजाइन और बिछाने और इनका उचित रखरखाव करने के भी निर्देश दिए। पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान ने मुख्यमंत्री को अश्वस्त किया कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यह सुनिश्चित बनाएंगा कि राज्य के प्रदूषण मुक्त पर्यावरण को हर कीमत पर संरक्षित रखा जाए।
उन्होंने कहा कि दोषियों के विरूद्ध बोर्ड आवश्यक कार्रवाई करेगा। बोर्ड के सदस्य सचिव आदित्य नेगी ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार, प्रधान सचिव जेसी शर्मा, प्रधान मुख्य अरण्यपाल अजय कुमार, सचिव डॉ. आरएन बत्ता, सी. पालरासु, निदेशक नगर नियोजन विभाग ललित जैन और निदेशक उद्योग हंस राज भी बैठक में उपस्थित थे।