प्रदेश में सत्ता वापसी के लिए नड्डा-धूमल ने मिलाया हाथ
केंद्र में स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद जगत प्रकाश नड्डा के पहली बार हमीरपुर में कदम रखने से प्रदेश की सियासत में हलचल मच गई। हमीरपुर में आभार रैली के दौरान मंच पर सबसे पहले नड्डा ने अपने दाहिने हाथ से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, जबकि अपने बाएं हाथ से पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का हाथ पकड़कर कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया।
धूमल और जेपी नड्डा को मंच पर एक साथ देखकर कार्यकर्ताओं में भी खुशी की लहर दौड़ गई। हालांकि, धूमल और नड्डा की जुगलबंदी का श्रेय गडकरी को भी जाता है। नड्डा और धूमल में पूर्व में छत्तीस का आंकड़ा रहा है। नड्डा की गिनती प्रदेश के कद्दावर नेताओं में होती रही है।
वर्ष 1993 में तत्कालीन वीरभद्र सरकार के समय जेपी नड्डा नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। वर्ष 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की सरकार में जगत प्रकाश नड्डा वन मंत्री जरूर रहे, लेकिन काम न होने से अनदेखी का शिकार हुए। अपनी अनदेखी से तंग नड्डा ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और बतौर विधायक काम किया।
मंत्री बनने के बाद भी दो साल तक हमीरपुर नहीं आए नड्डा
इस बीच, केंद्रीय संगठन में चले गए। भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे जेपी नड्डा के ससुराल गुजरात में हैं। नरेंद्र मोदी से नजदीकियां और युवा मोर्चा अध्यक्ष के समय राजनाथ सिंह और गडकरी से दोस्ती की बदौलत नड्डा ने केंद्रीय संगठन में एंट्री की। उन्हें हिमाचल से राज्यसभा सांसद चुनकर केंद्र में भी भेजा गया।
राज्यसभा सांसद के अलावा राष्ट्रीय महासचिव रहे नड्डा को मोदी सरकार में स्वास्थ्य मंत्रालय दिया गया, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी हमीरपुर नहीं आए। सोमवार को वक्त और हालात बनते ही जेपी नड्डा हमीरपुर पहुंचे। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक अब
जेपी नड्डा धूमल और शांता के बराबर राजनीतिक कद रखते नजर आ रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अगर धूमल, शांता और नड्डा की जुगलबंदी पर ही हिमाचल में भाजपा की साख टिकी है। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में यह जुगलबंदी क्या रंग लाती है।