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Himachal News: पुलिस प्रशासन ने साइबर थाने बहाल करने के लिए सरकार को लिखा पत्र
Fri, 10 Feb 2023 05:00 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 10 Feb 2023 05:00 AM IST
सार
प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराध के बीच पुलिस प्रशासन ने प्रदेश सरकार को साइबर थाने बहाल करने के लिए पत्र लिखा है। हिमाचल में मात्र एक शिमला में ही साइबर थाना है।
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साइबर पुलिस थाना(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराध के बीच पुलिस प्रशासन ने प्रदेश सरकार को साइबर थाने बहाल करने के लिए पत्र लिखा है। हिमाचल में मात्र एक शिमला में ही साइबर थाना है। प्रतिदिन यहां ठगी की 30 से 35 शिकायतें दर्ज हो रही हैं। साइबर थाना शिमला में काम का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। लोगों को शिकायत करने लिए शिमला आना पड़ रहा है। जनता की इसी समस्या को लेकर अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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उल्लेखनीय है कि धर्मशाला और मंडी में खोले गए नए साइबर थाने बंद कर दिए गए हैं। इनके बंद होने से साइबर अपराधियों को राज्य में लूट की छूट मिली है।
ये थाने इसलिए खोले थे, जिससे हिमाचल के लोगों को शिकायत करने के लिए शिमला साइबर थाने में न आना पड़े। शातिर हिमाचल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, पूर्व मुख्यमंत्री और मंत्री सहित अन्य अधिकारियों के नाम से फेसबुक या इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों से पैसे मांग रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2017 में 972 लोग ठगी का शिकार हुए थे। वर्ष 2022 में यह आंकड़ा 9,110 हो गया है। साइबर अपराधियों की ओर से ठगी का शिकार हुए लोगों का आंकड़ा जारी किया गया है। वर्ष 2017 में 1,723, वर्ष 2019 में 3,057, 2020 में 6,451 और वर्ष 2022 में 9,110 लोगों को साइबर अपराधियों ने ठगा है।
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लोगों को ठगने के लिए नए तरीके अपना रहे शातिर
शातिर लोगों को ठगने के लिए नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पैन कार्ड बनाने से लेकर क्रेडिट कार्ड के प्वाइंट रिडिम करने, ओटीपी शेयर करने, लोन देने के लिए साक्षात्कार करवाने के नाम पर लिंक भेजकर ठगी की जा रही है। करीब 400 ऐसी एप्लीकेशन हैं, जो फर्जी हैं।
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