हिमाचल आएंगे मोदी, बड़ी योजनाओं का करेंगे शिलान्यास
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प्रदेश में 2017 में होने वाले विस चुनाव के लिए भाजपा ने पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द प्रदेश का दौरा कर सकते हैं। वे इसी साल के अंत या फिर 2017 के शुरू में यहां आ सकते हैं। यह बात प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने बिलासपुर में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कही।
वह वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री निर्मला सीता रमण के कार्यक्रम में बिलासपुर आए थे। सत्ती ने कहा कि प्रदेश में कई बड़ी योजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास करना है। इसको लेकर पार्टी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिलासपुर में एम्स का शिलान्यास करेंगे।
कौल डैम परियोजना का शुभारंभ भी उन्हीं के हाथों होना है। रामपुर और जिला कुल्लू में बिजली परियोजनाओं का उद्घाटन भी प्रस्तावित है। अगला सीएम कौन होगा, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जो पार्टी हाईकमान का फैसला होगा, वही अंतिम होगा। पार्टी लोगों के घर-घर तक जाकर केंद्र की योजनाओं से लोगों को अवगत करवाएगी। इसके लिए एक अभियान चलाया जाएगा।
एम्स और हाइड्रो कॉलेज का शिलान्यास अगले माह
भोरंज (हमीरपुर)। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई में बिलासपुर आएंगे। वे हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज और एम्स का शिलान्यास करेंगे। कौल डैम का उद्घाटन भी किया जाएगा। भोरंज विधानसभा क्षेत्र में जिला भाजपा की आवासीय बैठक के समापन सत्र में धूमल ने कहा कि प्रधानमंत्री के हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान कार्यकर्ता सम्मेलन भी होगा। प्रधानमंत्री हिमाचल को अपना दूसरा घर मानते हैं।
उन्होंने सहर्ष हिमाचल आने का न्योता स्वीकार किया है। सरकार संगठन नहीं बनाती, बल्कि संगठन सरकारें बनाते हैं। तीन व्यक्ति संगठन की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं। इनमें बूथ अध्यक्ष, बूथ पालक और बीएलए शामिल हैं। कहा कि प्रदेश के चारों संसदीय क्षेत्रों में तीनों महत्वपूर्ण पदाधिकारियों का शीघ्र एक सम्मेलन होगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सम्मेलन में इनसे संवाद करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं ज्योतिषी तो नहीं हूं, परंतु राजनीतिक इतिहास और घटनाओं के विश्लेषणों के आधार पर यह कह सकता हूं कि चुनाव पहले हो जाएंगे। वीरभद्र सिंह ने पहले भी दो बार सरकार के पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं किया है। अब तीसरी बारी भी पांच साल तक सरकार का कार्य काल पूरा नहीं करेंगे।