हिमाचल को आज तोहफों से साधने का दांव खेलेंगे पीएम मोदी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनावी मौसम में पीएम नरेंद्र मोदी आज इस बात पर जोर दे सकते हैं कि आखिर प्रदेश के लिए भाजपा क्यों जरूरी है। तीन साल से हिमाचल प्रदेश की उपेक्षा का जो आरोप कांग्रेस मोदी पर मढ़ रही है, पीएम न केवल उसका जवाब दे सकते हैं बल्कि कें और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार बनने से भविष्य में विकसित हिमाचल का खाका खींचते भी दिखेंगे।
अभी आचार संहिता लागू नहीं है। ऐसे में उम्मीद है कि पीएम राज्य के लिए कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। पर्यटन, बागवानी और रोड-रेल नेटवर्क को पीएम से घोषणाओं की उम्मीद है। पर्यटन के लिहाज से नए पर्यटक सर्किट प्रदेश में बन सकते हैं। बागवानी में सेब उत्पादों को किए वादे अभी भी अधूरे हैं।
रोड नेटवर्क में भले कई राष्ट्रीय राजमार्ग मिल गए लेकिन लंबे समय से रेल नेटवर्क बढ़ाने पर फंसा पेच सुलझ सकता है। केंद्र के पिटारे से राज्य के लिए जो पीएम जो देकर जाएंगे उसकी उसकी भरपाई कर पाना कांग्रेस के लिए आसान नहीं रहेगा।
सबसे अहम यह रहेगा यह मुद्दा
सबसे अहम यह रहेगा कि मोदी खुद को हिमाचल से किस तरह कनेक्ट करते हैं। कांग्रेस को नोटबंदी और जीएसटी से आई आर्थिक बंद के आरोपों का जवाब मिलेगा तो प्रदेश को बागवानी, पर्यटन और नए राजमार्ग क्षेत्र में कई सौगातें मिलने की आस है। केंद्र की फंडिंग पर वीरभद्र सिंह के लगातार हमलों पर भी स्थिति साफ होगी।
रैली में पीएम जो सियासी लकीर खींचकर जाएंगे भाजपा को उसी पर आगे बढ़ना है, जबकि कांग्रेस राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लिए उससे बड़ी लकीर खींचने की चुनौती रहेगी। मोदी हिमाचल प्रदेश के लंबे समय तक प्रभारी रहे हैं। पीएम बनने के बाद उस कनेक्शन में अपने विदेशों में राजनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने में हिमाचल के उत्पादों का बतौर भेंट इस्तेमाल कर चुके हैं।
चुनाव से ठीक पहले अपने जुड़ाव को किस तरह से पेश करते हैं, इसे भाजपा वोट स्विंग से जोड़कर देख रही है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर अगर पीएम हमला करते हैं तो उसके अलग मायने होंगे। कानून व्यवस्था को गुड़िया प्रकरण से जोड़ कर महिला वोट बैंक को साध सकते हैं।
प्रचार का मिलेगा मोदी मंत्र
भाजपा के लिए पीएम की रैली गाइडलाइन की तरह साबित हो सकती है। प्रचार अभियान के पहले दिन से पीएम को चेहरा बता कर आगे बढ़ रही भाजपा रैली में मिलने वाले ‘मोदी मंत्र’ के सहारे ही आगे बढ़ेगी। आने वाले दिनों में विपक्ष के नोटबंदी और कालेधन के मुद्दे पर होने वाले सियासी वार का पलटवार करने का मंत्र भी भाजपा को मिलेगा।