आखिर मोदी ने सुन ली सांसदों की फरियाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय रेलवे बजट में हिमाचल प्रदेश को एक और बड़ी सौगात मिली है। पठानकोट से लेह के बीच 400 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के सर्वे करने का बजट में प्रावधान किया गया है। इतना ही नहीं, पठानकोट से जोगिंद्रनगर के बीच छोटी रेलवे लाइन को बड़ी लाइन में बदलने के लिए भी रेलवे बजट में धन की व्यवस्था की गई है।
लंबे इंतजार के बाद हिमाचल प्रदेश की इस मांग को केंद्र की मोदी सरकार की ओर से गौर किया गया है। इससे राज्य के लोगों को एक नई उम्मीद जगी है। देश भर में सुरक्षा की दृष्टि से अहम रोल अदा करने वाली देश की सबसे बड़ी प्रस्तावित पठानकोट-जोगिंद्रनगर-लेह रेलवे लाइन परियोजना को केंद्र सरकार ने सर्वे के लिए मंजूरी दे दी है।
लेह के लिए 60 लाख रुपये की राशि का प्रावधान
लेह तक रेल मार्ग सर्वे के लिए केंद्र ने पहली किश्त 60 लाख रुपये की राशि का प्रावधान बजट में किया है। पहले चरण में पठानकोट से जोगिंद्रनगर के बीच साढ़े तीन किलोमीटर तक मौजूदा रेलवे ट्रैक को अपग्रेड कर ब्राड गेज में बदला जाएगा। इसके लिए बजट में 3.27 करोड़ रुपये के फंड का प्रावधान किया गया है।
लेह-लद्दाख की सीमा चीन से लगती है। इस रेल लाइन का सुरक्षा की दृष्टि से काफी महत्व है। इस रेल लाइन के बनने से मंडी-कुल्लू-मनाली-लाहौल-स्पीति सीधे तौर पर रेल यातायात से जुडेंगे, वहीं लेह तक सुरक्षा सामान और रसद ले जाना भी आसान हो जाएगा। इस लाइन के बनने से प्रदेश में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
शांता और राम स्वरूप ने की थी संयुक्त सिफारिश
पठानकोट से लेह तक बड़ी रेल लाइन बनाने के लिए कांगड़ा के सांसद शांता कुमार और मंडी के सांसद राम स्वरूप शर्मा ने संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर सिफारिश की थी। इतना ही नहीं बल्कि प्रदेश के सांसदों ने रक्षा मंत्री और रेलवे मंत्री से मिलकर भी इस लाइन के लिए अनुरोध किया था।
मंडी संसदीय क्षेत्र के सांसद राम स्वरूप शर्मा ने बताया कि जल्दी ही इस रेल लाइन के लिए प्रधानमंत्री से मिलकर समय की मांग की जाएगी। बड़ी रेल लाइन के शिलान्यास कराने का अनुरोध किया जाएगा।