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मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पताल में भेजे जा रहे बच्चों के चिकित्सक
Mon, 09 Aug 2021 01:39 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 09 Aug 2021 01:39 PM IST
सार
हिमाचल में कोरोना की सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। जिलों के सीएमओ को प्रतिदिन 15 हजार से अधिक सैंपल लेने के लिए कहा गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में ढाई से 18 साल तक के बच्चे कोरोना पॉजिटिव आने के मामले में सरकार ने अलर्ट जारी किया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन और जिला चिकित्सा अधिकारियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। जिलों से आई अतिरिक्त स्टाफ की रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों, पैरा मेडिकल स्टाफ को फील्ड में भेजना शुरू कर दिया है। मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में पीडियाट्रिक्स डॉक्टरों की विशेष टीमें बनाई गई हैं।
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जिस घर में बच्चा कोरोना पॉजिटिव आता है, उसके परिवार के सदस्यों के भी सैंपल लेने के लिए कहा गया है। क्षेत्र में 5 से ज्यादा कोरोना के मामले आने पर सरकार ने कांटेक्ट ट्रेसिंग करने के निर्देश दिए हैं। हिमाचल में तीन दिन के भीतर 70 से अधिक बच्चे इस बीमारी की चपेट में आए हैं। कहीं न कहीं यह कोरोना की तीसरी लहर के संकेत हैं। हिमाचल में कोरोना की सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। जिलों के सीएमओ को प्रतिदिन 15 हजार से अधिक सैंपल लेने के लिए कहा गया है। जिला मंडी, चंबा, कांगड़ा और शिमला में कोराना कहर बरपा रहा है। इन चार जिलों में मामले सबसे ज्यादा आ रहे हैं।
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जिला मंडी में एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 400 से पार हो गया है, जबकि चंबा जिला आंकड़ा भी पौने चार सौ हो गया है। शिमला में एक्टिव मामले तीन सौ हो गए हैं। इनमें 35 फीसदी बच्चों का पॉजिटिव होना बताया जा रहा है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को स्वास्थ्य विभाग तैयार है। अस्पतालों में वेंटिलेटर स्थापित किए गए हैं। बच्चों के लिए स्पेशल वार्ड बनाए गए हैं। सभी बिस्तर को आक्सीजन पाइप से जोड़ा गया है।
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