मनरेगा की तर्ज पर अब लाभार्थी के खातों में ऑनलाइन जाएगी धनराशि
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पंचायतीराज कार्य की धनराशि अब सीधे कामगारों और लाभार्थियों के खाते में जाएगी। केंद्र सरकार मनरेगा की तर्ज पर पंचायतीराज के कार्य की धनराशि को ऑनलाइन लाभार्थी के खाते में जमा करवाएगी। इस व्यवस्था के बाद केंद्र सरकार और पंचायतीराज विभाग पंचायतों में हो रहे कार्य की सीधे ऑनलाइन मानीटरिंग भी कर सकेंगे। इससे पंचायतीराज विभाग के कार्य में पारदर्शिता आएगी। पंचायतीराज के फंड का दुरुपयोग भी नहीं होगा।
इस व्यवस्था का सबसे ज्यादा फायदा सूबे के लाखों कामगारों और लाभार्थियों को होगा। 14वें वित्त आयोग, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, पंचायत निर्माण और पंचायत मरम्मत के अलावा विभिन्न कार्य की धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ऑनलाइन जमा करवाएगी। धनराशि अप्रूव होने के बीच पंचायत प्रधान और सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर होंगे।
इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद केंद्र सरकार और पंचायतीराज विभाग पंचायतों में हो रहे कार्य को ऑनलाइन देख सकेंगे। इससे यह भी पता चलेगा कि पंचायत से धनराशि लाभार्थी के खाते में पड़ चुकी है और किन-किन विकास कार्य पर खर्च हुआ है। पंचायतीराज विभाग के अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा ने बताया कि पंचायतीराज विभाग की धनराशि ऑनलाइन के जरिये कामगारों, लाभार्थियों को वैंडर के खाते में जाएगी।
गड़बड़ी होने की रहती थी आशंका
पंचायतीराज कार्य की धनराशि ऑनलाइन लाभार्थी के बैंक खाते में पड़ने के बाद पंचायतीराज विभाग की धनराशि का दुरुपयोग नहीं होगा। इससे गड़बड़ी होने की आशंका भी नहीं होगी। ऑनलाइन मानीटरिंग के जरिये पता चलेगा कि पंचायत से धनराशि लाभार्थी के खाते में पड़ चुकी है और किन-किन कार्य किस पर खर्च हुआ है। इसके अलावा पंचायत फंड में कितना पैसा बाकी है जबकि कितनी राशि पेंडिंग है का भी सीधे पता चलेगा।