भड़के पटवारी, अब नहीं होगा आपका ये काम
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संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी (पटवारी) एवं कानूनगो महासंघ प्रदेश सरकार के खिलाफ भड़क गया है। शुक्रवार को पटवारियों ने अपने फोन स्विच ऑफ रखे। जिससे जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। पटवारियों ने फील्ड में जाने के लिए जमीन की पैमाइशन करने के लिए मना कर दिया।
यहीं नहीं आज के बाद जनता को डिमार्केशन की तिथि भी नहीं दी जाएगी। पटवारी सर्कलों में ही 10 से 5 बजे काले तक सेवाएं देंगे। महासंघ का कहना है कि जब तक सरकार महासंघ की मांगे नहीं मानती है तब तक पटवारियों का विरोध जारी रहेगा। महासंघ के अध्यक्ष प्रताप सिंह ठाकुर ने बताया कि शुक्रवार को पटवारियों ने सर्कलों में काले बिल्ले लगाकर काम किया।
उन्होंने कहा कि महासंघ ने बीते तीन से महीने सरकार से अपनी मागों को लेकर गुहार लगा रहे है। इस बीच ये पदाधिकारी तीन बार सरकार के अधिकारियों से भी मिले लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ। मंडी में महासंघ के पदाधिकारियों ने राजस्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह से मुलाकात की। लेकिन मंत्री ने भी महासंघ की मांगों पर विचार विमर्श करने की बात कही। तीन महीने से पटवारियों को निराशा ही हाथ लगी है।
इन मांगों पर अड़े हैं पटवारी
ऐसे में महासंघ ने फील्ड में सेवाएं देने से मना किया है। उन्होंने कहा कि पटवार सर्कलों में 400 से 500 रुपये बिजली का बिल आ रहा है लेकिन ये पैसा पटवारी अपनी जेब से भर रहे हैं। यहीं नहीं पटवारियों को लेखन सामग्री, बस्ता भत्ता, बिजली भत्तों में बढ़ोतरी नहीं की है। अब सरकार ने यात्रा भत्ते में भी कटौती कर दी है।
- कानूनगो से नायब तहसीलदार के लिए शतप्रतिशत पदोन्नति दिया जाना
- चार क्षेत्रीय पटवार वृत्तों पर एक कानूनगो वृत्त का सृजन करना
- नव सृजित सभी सभी उप-मंडलीय अभिलेख कक्षों, तहसील कार्यालयों में आवश्यक पद सृजित करना
- अनुबंध पटवारियों को सभी वित्तीय लाभ दिया जाना
- 5 जुलाई, 2014 को जारी कई गई नई स्टाफिंग नाम्स को वापिस लिया जाना