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छह घंटे पहले दिए सैंपल समय पर नहीं मिली रिपोर्ट
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आईजीएमसी की इमरजेंसी लैब के बाहर परेशान रहे मरीज
सामान्य टेस्टों की ढाई घंटे में आ जाती है रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) की इमरजेंसी लैब में जांच करवाने आए मरीजों को मंगलवार को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। अस्पताल में मंगलवार सुबह जिन मरीजों ने लैब में जांच के लिए सैंपल दिए थे उन मरीजों को छह घंटे बाद भी रिपोर्ट नहीं मिली। रिपोर्ट न आने से चिकित्सक मरीजों का उपचार भी शुरू नहीं कर सके।
सुबह साढ़े ग्यारह बजे के बाद तीमारदार अपने मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट लेने आए तो ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने कहा कि मशीन में तकनीकी खराबी आई है। लिहाजा अभी रिपोर्ट नहीं मिलेगी। इस दौरान जो मरीज अस्पताल आए उन मरीजों को बाहर निजी लैबों में महंगी दरों पर टेस्ट करवाने पड़े। आईजीएमसी में कबीर जयंती की छुट्टी के चलते अस्पताल की सरकारी लैब बंद थी। अस्पताल परिसर में खुली निजी लैब में दोपहर एक बजे के बाद सैंपल लेने को कहा है। ऐसे में जो मरीज रात को अस्पताल आए थे उन मरीजों को 24 घंटे सात दिन चलने वाली 101 नंबर स्थित इमरजेंसी लैब में टेस्ट के लिए भेजा गया लेकिन मरीजों को छह घंटे बाद भी सामान्य टेस्टों की रिपोर्ट नहीं मिल पाई। सामान्य टेस्ट की रिपोर्ट दो से ढाई घंटे के बीच मिल जाती है। इसमें कॉलेस्ट्रोल, किडनी, एलएफटी और रक्त के टेस्ट शामिल रहते हैं।
अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि मरीजों के सैंपलों की संख्या बढ़ गई है। इस वजह से रिपोर्ट आने में देरी हुई हो। अस्पताल में मरीजों को किसी तरह की परेशानी पेश नहीं आने दी जा रही है।
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सुबह दे दिए सैंपल नहीं मिली रिपोर्ट
सरकाघाट के मुनीष ने बताया कि भतीजे को अस्पताल लाए हैं। डॉक्टरों ने जांच के बाद निमोनिया बताया है। कुछ टेस्ट करवाए लेकिन सुबह साढ़े ग्यारह बजे तक रिपोर्ट नहीं आई है। ऐसे में अब परेशानी बढ़ना शुरू हो गई है।
तीन घंटे बाद रिपोर्ट लेने को कहा
जुब्बल के हेमराज ने बताया कि बुआ का बेटा बीमार है। सुबह साढ़े आठ बजे जांच के लिए सैंपल इमरजेंसी लैब में दिया था लेकिन तीन घंटे बीतने के बाद भी रिपोर्ट नहीं मिली। कह रहे हैं कि मशीन में दिक्कत है।
लिवर किडनी के टेस्ट बाहर करवाने होंगे
ठियोग के केवल राम ने बताया कि मशीन में खराबी है। ऐसे में लिवर, किडनी समेत अन्य टेस्ट करवाने के लिए अब निजी लैब का रुख करना होगा। यहां पर भी हजारों रुपये खर्च करने होंगे।
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सामान्य टेस्टों की ढाई घंटे में आ जाती है रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) की इमरजेंसी लैब में जांच करवाने आए मरीजों को मंगलवार को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। अस्पताल में मंगलवार सुबह जिन मरीजों ने लैब में जांच के लिए सैंपल दिए थे उन मरीजों को छह घंटे बाद भी रिपोर्ट नहीं मिली। रिपोर्ट न आने से चिकित्सक मरीजों का उपचार भी शुरू नहीं कर सके।
सुबह साढ़े ग्यारह बजे के बाद तीमारदार अपने मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट लेने आए तो ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने कहा कि मशीन में तकनीकी खराबी आई है। लिहाजा अभी रिपोर्ट नहीं मिलेगी। इस दौरान जो मरीज अस्पताल आए उन मरीजों को बाहर निजी लैबों में महंगी दरों पर टेस्ट करवाने पड़े। आईजीएमसी में कबीर जयंती की छुट्टी के चलते अस्पताल की सरकारी लैब बंद थी। अस्पताल परिसर में खुली निजी लैब में दोपहर एक बजे के बाद सैंपल लेने को कहा है। ऐसे में जो मरीज रात को अस्पताल आए थे उन मरीजों को 24 घंटे सात दिन चलने वाली 101 नंबर स्थित इमरजेंसी लैब में टेस्ट के लिए भेजा गया लेकिन मरीजों को छह घंटे बाद भी सामान्य टेस्टों की रिपोर्ट नहीं मिल पाई। सामान्य टेस्ट की रिपोर्ट दो से ढाई घंटे के बीच मिल जाती है। इसमें कॉलेस्ट्रोल, किडनी, एलएफटी और रक्त के टेस्ट शामिल रहते हैं।
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अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि मरीजों के सैंपलों की संख्या बढ़ गई है। इस वजह से रिपोर्ट आने में देरी हुई हो। अस्पताल में मरीजों को किसी तरह की परेशानी पेश नहीं आने दी जा रही है।
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सुबह दे दिए सैंपल नहीं मिली रिपोर्ट
सरकाघाट के मुनीष ने बताया कि भतीजे को अस्पताल लाए हैं। डॉक्टरों ने जांच के बाद निमोनिया बताया है। कुछ टेस्ट करवाए लेकिन सुबह साढ़े ग्यारह बजे तक रिपोर्ट नहीं आई है। ऐसे में अब परेशानी बढ़ना शुरू हो गई है।
तीन घंटे बाद रिपोर्ट लेने को कहा
जुब्बल के हेमराज ने बताया कि बुआ का बेटा बीमार है। सुबह साढ़े आठ बजे जांच के लिए सैंपल इमरजेंसी लैब में दिया था लेकिन तीन घंटे बीतने के बाद भी रिपोर्ट नहीं मिली। कह रहे हैं कि मशीन में दिक्कत है।
लिवर किडनी के टेस्ट बाहर करवाने होंगे
ठियोग के केवल राम ने बताया कि मशीन में खराबी है। ऐसे में लिवर, किडनी समेत अन्य टेस्ट करवाने के लिए अब निजी लैब का रुख करना होगा। यहां पर भी हजारों रुपये खर्च करने होंगे।