फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Patanjali Ayurved made product from Seabuckthorn leafes

पतंजलि इस औषधीय पौधे से तैयार करेगा उत्पाद, डायबिटीज का नहीं रहेगा नामोनिशान

Sat, 01 Oct 2016 11:10 AM IST
बलदेव राज/अमर उजाला, कुल्लू
बलदेव राज/अमर उजाला, कुल्लू Updated Sat, 01 Oct 2016 11:10 AM IST
विज्ञापन
Patanjali Ayurved made product from Seabuckthorn leafes

प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल स्पीति में पाए जाने वाले सीबकथोर्न (छरमा) की औषधीय खूबियों को मद्देनजर रखते हुए पतंजलि अपने उत्पाद तैयार करने जा रही है। पतंजलि इस औषधीय पौधे की पत्तियों और फलों को खरीदना चाहती है। इसके लिए पतंजलि ने बाकायदा लाहौल की छरमा सोसायटी को छरमा पत्तियों और फलों की डिमांड भी दी है।

विज्ञापन


पतंजलि लाहौल स्पीति और लद्दाख से 3000 टन छरमा की पत्तियां और 1000 टन फल खरीदना चाहती है। लाहौल के कृषि विज्ञान केंद्र कुकुमसेरी में वैज्ञानिकों ने रूस से लाई गई छरमा की पांच से अधिक प्रजातियों को विकसित किया है। इन प्रजातियों के पौधों को किसानों को बांटा गया है। लाहौल घाटी में 40 से 50 टन तक छरमा के उत्पादन की क्षमता है।
विज्ञापन


लाहौल में पाए जाने वाली छरमा की पत्तियों को चाय बनाने में इस्तेमाल किया है। छरमा की पत्तियों से बनी चाय सेहत के लिए बेहद गुणकारी मानी जाती है। उधर, लाहौल छरमा सोसायटी के अध्यक्ष विशन दास परशीरा ने कहा कि पतंजलि ने लाहौल में छरमा खरीदने की बात की है। लेकिन, पतंजलि ने अधिक मांग की है। उसके हिसाब से अभी तक लाहौल में छरमा का उत्पादन नहीं हो रहा है। इतनी अधिक डिमांड पूरी कर पाना मुश्किल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके लिए अभी समय लगेगा। हालांकि चंडीगढ़ एग्रीटेक कंपनी की यूनिट बद्दी से एक साल का करार हुआ है। चंडीगढ़ एग्रीटेक कंपनी को छरमा सोसायटी छरमा की पत्तियां और फल देगी। कंपनी बद्दी में चायपत्ती, दवाइयां और अन्य उत्पाद तैयार कर रही है। छरमा से चाय के अलावा दवाइयां और ब्यूटी उत्पाद भी बनाए जाते हैं।

डायबिटीज के लिए रामबाण है छरमा

Patanjali Ayurved made product from Seabuckthorn leafes

हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के छरमा वैज्ञानिक डॉ. विरेंद्र सिंह का कहना है कि छरमा की पत्तियों का इस्तेमाल चाय की पत्तियों में होता है। डायबिटीज-2 को ठीक करने में छरमा की पत्तियां रामबाण होती हैं। इस बात का खुलासा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शोध से हुआ है। छरमा एक बेहद गुणकारी औषधीय पौधा है। चीन में लोग पांच पत्ती छरमा की दो मिनट तक उबालकर उसे छान कर पीते हैं।

360 रुपये किलो बिक रही छरमा की पत्तियां
लाहौल में इस बार किसानों को छरमा की पत्तियों के अच्छे दाम मिल रहे हैं। छरमा की पत्तियां 360 रुपये किलो के हिसाब से किसानों से खरीदी जा रही है। जो पिछले साल से करीब 100 रुपये कम है। लाहौल में इन दिनों छरमा की पत्तियों को निकालने का काम भी आरंभ हो चुका है। इन पत्तियों को पीला पड़ने से पहले ही निकालना होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed