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Shimla News: फाइल में ही बने पार्क, चार्जिंग स्टेशन भी नहीं बने
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कांग्रेस शासित नगर निगम के पिछले बजट की कई घोषणाएं एक साल बाद भी नहीं हुई पूरी
शहर में खुलने थे 5 चार्जिंग स्टेशन, अभी एक भी नहीं खुला
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। थीमेटिक पार्क बनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की नगर निगम बजट की घोषणा एक साल बाद भी फाइलों में अटकी हुई है।
कांग्रेस शासित नगर निगम ने अपने पिछले बजट में शहर में तीन थीमेटिक पार्क बनाने की घोषणा की थी। बजट भाषण की यह पहली प्राथमिकता थी लेकिन एक साल बाद भी इसका अता-पता नहीं है। तीन तो दूर निगम एक पार्क को भी धरातल पर नहीं उतार पाया है। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पांच इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन खोले जाने थे। इसका काम धरातल पर उतरने के लिए पिछले एक साल में कई बैठकें हुईं लेकिन शहरवासियों को आज तक एक भी चार्जिंग स्टेशन की सुविधा नहीं मिल पाई। निगम ने टुटीकंडी पार्किंग में एक चार्जिंग स्टेशन बनाया है लेकिन उसमें बिजली कनेक्शन को लेकर औपचारिकताएं अभी पूरी होनी बाकी हैं। उम्मीद है कि अगले वित्तीय वर्ष में कम से कम निगम एक चार्जिंग स्टेशन की सुविधा लोगों को दे देगा।
नगर निगम ने बजट में शहर में कूड़ा ढोने के लिए 15 इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने का भी दावा किया था। इसका प्रस्ताव निगम ने सरकार को भेजा है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से बजट का इंतजार चल रहा है। निगम की कचरा ढोने वाली कई गाड़ियां 15 साल पुरानी हो चुकी हैं। इन्हें अब खड़ा करना निगम की मजबूरी है। निगम को इन वाहनों की खरीद के लिए अब एस जे वी एन से मदद लेनी पड़ी है।
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सर्कुलर रोड पर नहीं लगी एलईडी स्क्रीन
शहर के सर्कुलर रोड पर निगम ने विज्ञापनों को चलाने के लिए डिजिटल एलईडी स्क्रीन लगाने की घोषणा की थी। इससे शहर को होर्डिंग मुक्त किया जाना था लेकिन यह योजना धरातल पर नहीं उतरी। अब निगम को मजबूरन शहर की 146 होर्डिंग साइट ठेके पर देनी पड़ी हैं। होर्डिंग और बैनरों से शिमला की खूबसूरती पर ग्रहण लग रहा है।
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शहर में खुलने थे 5 चार्जिंग स्टेशन, अभी एक भी नहीं खुला
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। थीमेटिक पार्क बनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की नगर निगम बजट की घोषणा एक साल बाद भी फाइलों में अटकी हुई है।
कांग्रेस शासित नगर निगम ने अपने पिछले बजट में शहर में तीन थीमेटिक पार्क बनाने की घोषणा की थी। बजट भाषण की यह पहली प्राथमिकता थी लेकिन एक साल बाद भी इसका अता-पता नहीं है। तीन तो दूर निगम एक पार्क को भी धरातल पर नहीं उतार पाया है। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पांच इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन खोले जाने थे। इसका काम धरातल पर उतरने के लिए पिछले एक साल में कई बैठकें हुईं लेकिन शहरवासियों को आज तक एक भी चार्जिंग स्टेशन की सुविधा नहीं मिल पाई। निगम ने टुटीकंडी पार्किंग में एक चार्जिंग स्टेशन बनाया है लेकिन उसमें बिजली कनेक्शन को लेकर औपचारिकताएं अभी पूरी होनी बाकी हैं। उम्मीद है कि अगले वित्तीय वर्ष में कम से कम निगम एक चार्जिंग स्टेशन की सुविधा लोगों को दे देगा।
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नगर निगम ने बजट में शहर में कूड़ा ढोने के लिए 15 इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने का भी दावा किया था। इसका प्रस्ताव निगम ने सरकार को भेजा है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से बजट का इंतजार चल रहा है। निगम की कचरा ढोने वाली कई गाड़ियां 15 साल पुरानी हो चुकी हैं। इन्हें अब खड़ा करना निगम की मजबूरी है। निगम को इन वाहनों की खरीद के लिए अब एस जे वी एन से मदद लेनी पड़ी है।
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सर्कुलर रोड पर नहीं लगी एलईडी स्क्रीन
शहर के सर्कुलर रोड पर निगम ने विज्ञापनों को चलाने के लिए डिजिटल एलईडी स्क्रीन लगाने की घोषणा की थी। इससे शहर को होर्डिंग मुक्त किया जाना था लेकिन यह योजना धरातल पर नहीं उतरी। अब निगम को मजबूरन शहर की 146 होर्डिंग साइट ठेके पर देनी पड़ी हैं। होर्डिंग और बैनरों से शिमला की खूबसूरती पर ग्रहण लग रहा है।