फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   parents wait for four hours for ambulance in govt hospital in bilaspur

सरकारी अस्पताल में मासूम के शव के साथ चार घंटे वाहन का इंतजार करते रहे परिजन

Sun, 28 Jun 2020 08:42 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 28 Jun 2020 08:42 PM IST
विज्ञापन
parents wait for four hours for ambulance in govt hospital in bilaspur
सांकेतिक तस्वीर

बिलासपुर जिले के सरकारी अस्पताल में 3 साल की बच्ची की मौत के बाद शव ले जाने के लिए परिजनों को घंटों एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा। अस्पताल प्रशासन की तरफ से कोई सहयोग नहीं मिल पाया। उपायुक्त बिलासपुर को इस बारे में अवगत करवाने के बाद उन्होंने वाहन भेजकर उन्हें घर भेजने की व्यवस्था की। इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।  

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक जिला मंडी के बलद्वाड़ा की महिला ज्योति बाला अपनी साढ़े तीन साल की बेटी को इलाज के लिए जिला अस्पताल बिलासपुर लाई थी। बेटी की हालत ठीक न होने के कारण उसे वहां भर्ती कर लिया गया था। शनिवार रात को करीब 3 बजे बेटी की मौत हो गई। इस दौरान बच्ची की नानी भी अस्पताल में उनके साथ मौजूद थी। मां ने बताया कि कुछ समय पहले बच्ची के दिमाग में पानी भर गया था। इससे उसके दिमाग में स्टंट पड़े थे।
विज्ञापन


उसका इलाज पीजीआई से चला था। एक दिन पहले बिटिया की तबीयत खराब हुई। उसे जिला अस्पताल इलाज के लिए लाया गया था लेकिन, शनिवार देर रात वह बीमारी से हार गई और दुनिया को अलविदा कह गई।  
विज्ञापन
विज्ञापन


बच्ची की नानी सरला ने बताया कि शनिवार साढ़े तीन बजे से वह गुड़िया के शव के साथ अस्पताल में मौजूद सुरक्षा कर्मी और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ से सहायता की गुहार लगाती रही कि उन्हें अस्पताल की तरफ से घर जाने के लिए किसी वाहन की व्यवस्था कर दी जाए। सभी ने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि अस्पताल में इस प्रकार की कोई सुविधा नहीं है। पीड़ित परिवार को निजी वाहन को किराये पर ले जाने की सलाह दी गई।

बच्ची की मां और नानी ने बताया कि वे आर्थिक रूप से इतने समृद्ध नहीं है। अस्पताल प्रशासन से मदद न मिलने से उन्हें 4 घंटे तक एंबुलेंस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। उधर, एमएस राजेश आहलुवालिया का कहना है कि उन्हें किसी ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। फिर भी वे अपने स्तर पर मामले की जांच करेंगे।  


अस्पताल में बच्ची के परिजनों को जिस तरह से परेशानी का सामना करना पड़ा वह बेहद दुखद है। जानकारी मिलते ही पीड़ित परिवार को वाहन सुविधा मुहैया करवाकर उन्हें घर भेज दिया। अस्पताल प्रबंधन से पूछा जाएगा कि पीड़ित परिवार को समय से कोई सहायता क्यों नहीं मिली। मामले में उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - राजेश्वर गोयल, उपायुक्त बिलासपुर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed