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अभिभावकों ने उठाया सवाल, सिली वर्दियों का क्या करें सरकार
Thu, 12 Dec 2019 12:46 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर सिंह सौल, अमर उजाला, बलद्वाड़ा (मंडी)
अमर सिंह सौल, अमर उजाला, बलद्वाड़ा (मंडी)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 12 Dec 2019 12:46 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बेशक प्रदेश सरकार ने रंग फीका पड़ने पर 15 हजार स्कूली विद्यार्थियों की वर्दी कंपनी को लौटा दी। लेकिन अकेले मंडी जिले के ही 22 प्राइमरी शिक्षा खंडों में करीब 39 हजार वर्दियां नौनिहालों को वितरित की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त सिर्फ दो हजार के करीब वर्दियों का आवंटन सुंदरनगर में शेष बचा है।
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अब अभिभावकों ने सवाल उठाए हैं कि जो वर्दियां पहनी जा चुकी हैं और जिनका रंग उतरने के बाद कपड़ा बेकार पड़ गया है, उन वर्दियों का क्या करें। अभिभावकों ने सरकार से सिली वर्दियां भी कंपनी को वापस करने की मांग की है। मंडी जिले में प्राइमरी स्कूलों 41 हजार विद्यार्थियों को अटल वर्दी योजना में मुफ्त वर्दियां बांटी जानी हैं। 39 हजार वर्दियां वितरित की जा चुकी हैं।
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दो हजार वर्दियां सुंदरनगर खंड में बांटी जानी है। वर्दियां साल में दो बार दी जाती हैं। दोनों बार सिलाई के लिए सौ-सौ रुपये भी विद्यार्थियों के खाते में डाले जाते हैं। दीपक अत्री, राम लाल, डंडू राम, नरेंद्र कुमार, समैला स्कूल एसएमसी प्रधान जोगिंद्र सिंह, सदस्य अमर सिंह, सुनील कुमार ने सरकार और शिक्षा विभाग से सिल चुकी वर्दियों को वापस लेने की मांग की है।
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सरकार ही ले सकती है फैसला
उप-शिक्षा निदेशक मंडी अशोक शर्मा ने बताया कि मामला उनके ध्यान में है। काफी शिकायतें मिली हैं। इसकी जांच उच्च स्तर पर भी की जा रही है। सिली हुई वर्दी को वापिस लेने का फैसला सरकार ही कर सकती है। इस बारे विभाग कुछ नहीं कर सकता।