'लग्न और मेहनत से पाई जा सकती है हर मंजिल'
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हमीरपुर के मौहण निवासी परमजीत ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करवाया है। ताइक्वांडो में 1200 सेकंड में 1760 किक मारकर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। परमजीत अपने ही रिकॉर्ड में सुधार कर दूसरी बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज करवाने में कामयाब रहे हैं।
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उन्होंने दूसरी बार 10 मिनट में 1297 किक मारकर यह उपलब्धि हासिल की। परमजीत प्रदेश के हजारों ताइक्वांडो खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने हैं। उन्हें बचपन से ही मार्शल आर्ट का शौक था।
इसके चलते कराटे का प्रशिक्षण लिया और द्वितीय डिग्री ब्लैक बेल्ट हासिल की। किक में ज्यादा रुचि रखने वाले परमजीत ने किकिंग मार्शल आर्ट को अपनाया और अपनी किक की गति, ताकत, तकनीक में महारत हासिल की।
'मेहनत से पाई जा सकती है हर मंजिल'
शारीरिक शिक्षा में मास्टर डिग्री की और विभिन्न प्रतिष्ठित स्कूलों में सेवाएं दीं। ताइक्वांडो में रुचि के चलते गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज करवाने को अपना लक्ष्य बनाया। जयंत रेड्डी इंटरनेशनल अकादमी हैदराबाद में प्रशिक्षण लिया। इसके बाद गिनीज बुक में नाम दर्ज करवाने वाली 16 सदस्यीय टीम का हिस्सा बने।
परमजीत वर्तमान में दुबई के जेम्स स्कूल में शारीरिक शिक्षक हैं। परमजीत सिंह छुट्टियों में घर आए हैं। परमजीत का कहना है कि मेहनत और लगन से किसी भी मंजिल को पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवा नशे से दूर रहें और एकाग्रचित्त होकर लक्ष्य की ओर बढ़ें।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1992 में उनके मित्र सुशील कुमार ने उन्हें ताइक्वांडो खेल को लेकर प्रोत्साहित किया। इसके बाद उन्होंने खूब मेहनत की। उनके ताइक्वांडो टीचर सुरेंद्र ठाकुर के मार्गदर्शन में खेल की बारीकियां सीखीं और वर्ष 2000 में परीक्षा उत्तीर्ण की।