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Paragliding: मौसम साफ होते ही बंदलाधार में पैराग्लाइडर पायलटों ने भरी उड़ान
Mon, 26 Sep 2022 04:36 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 26 Sep 2022 04:36 PM IST
सार
विश्व की तीन बड़ी और सुरक्षित एक्रो पैराग्लाइडिंग साइट में बंदलाधार का नाम शुमार है। एक्रो पायलट ताना जी टाकवे ने कहा कि बंदलाधार में एक अंतरराष्ट्रीय एसआईवी और एक्रो फ्लाइंग साइट बनने की क्षमता है।
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कलाबाजियां करता पैराग्लाइडर।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
बिलासपुर की बंदलाधार में सोमवार को मौसम साफ होते ही पैराग्लाइडर पायलटों ने उड़ान भरना शुरू कर दी। एडवांस (एसआईवी) कोर्स के लिए देशभर से 25 पायलट पांच दिन से मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे थे। सोमवार को मौसम साफ होते ही पायलटों ने बंदला से उड़ान भरकर हवा में कलाबाजियां करते हुए गोबिंद सागर झील के किनारे लुहणू मैदान में लैंडिंग की।
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कोर्स के लिए केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल से पायलट बदलाधार पहुंचे हैं। देश के नंबर एक एक्रो पायलट पुणे के ताना जी टाकवे पायलटों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण शिविर 21 सितंबर से शुरू होना था, लेकिन लगातार खराब मौसम के कारण उड़ानें नहीं हो रही थी। शिविर 29 सितंबर तक चलेगा।
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विश्व की तीन बड़ी और सुरक्षित एक्रो पैराग्लाइडिंग साइट में बंदलाधार का नाम शुमार है। एक्रो पायलट ताना जी टाकवे ने कहा कि बंदलाधार में एक अंतरराष्ट्रीय एसआईवी और एक्रो फ्लाइंग साइट बनने की क्षमता है। यह देश की सबसे सुरक्षित साइट है। वह यहां पिछले आठ साल से आ रहे हैं और पायलटों को एडवांस प्रशिक्षण दे रहे हैं।
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क्या है एसआईवी कोर्स
एसआईवी कोर्स में पाइलट को अप्रत्याशित स्थिति में अपने पैराग्लाइडर को सामान्य उड़ान में कैसे लाना है, यह सिखाया जाता है। इस कोर्स में पायलट को विंग की सीमाओं को निर्धारित करना और पायलट में आत्मविश्वास भरा जाता है।