फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Pak former Foreign Minister Khurshid Mahmood Kasuri statement on pm modi.

'आरएसएस के बताए रास्ते पर चल रहे हैं पीएम नरेंद्र मोदी'

Mon, 12 Oct 2015 09:52 AM IST
Updated Mon, 12 Oct 2015 09:52 AM IST
विज्ञापन
 Pak former Foreign Minister Khurshid Mahmood Kasuri statement on pm modi.

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी ने कसौली में खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के तीसरे एवं अंतिम दिन रविवार को अपनी पुस्तक ‘नाइदर ए हाक नार ए डव’ का पुनर्विमोचन किया। संशोधित किताब में प्रधानमंत्री मोदी पर आएसएस को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इसी के चलते मुंबई में होने वाले कसूरी के कार्यक्रम को शिवसेना ने न होने की धमकी दी है।

विज्ञापन


किताब पर चर्चा के दौरान एक सवाल के जवाब में कसूरी ने कहा कि आरएसएस के दिशा-निर्देशों के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे का रास्ता बना रहे हैं। इतनी कुशलता से सब कुछ हो रहा है कि आने वाले समय में भारत में सेक्युलरिज्म का इतिहास ही बदल जाए। उन्होंने कहा कि दोनों तरफ के सैनिकों पर अत्याचार हो रहे हैं। सीमाओं पर गोलीबारी से विपरीत असर पड़ रहा है।

विज्ञापन

शांति के बताए कई रास्ते

 Pak former Foreign Minister Khurshid Mahmood Kasuri statement on pm modi.

उफा शांति प्रक्रिया का पतन भारतीय कश्मीर में लोगों के बीच गहरे अवसाद का कारण बना है। इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी ने दोनों देशों (भारत और पाकिस्तान) के बीच वर्तमान गतिरोध को हल करने के लिए गुप्त वार्ता की सलाह दी है। इस वार्ता में तीसरा कोई नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दोनों का हित राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक समृद्धता में है, तभी कश्मीर समेत अन्य मसले सुलझ सकते हैं। कसूरी कसौली में लिट फेस्ट के तीसरे एवं अंतिम दिन अपनी पुस्तक ‘नाइदर ए हाक नार ए डव’ पर चर्चा के दौरान बोल रहे थे। इस किताब का पुन: विमोचन रविवार को कसौली में ही किया गया।

यह है किताब में खास

 Pak former Foreign Minister Khurshid Mahmood Kasuri statement on pm modi.

कसूरी वर्ष 2002 से 2007 के बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री रहे हैं। किताब में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखने के लिए उन्होंने कई रास्ते सुझाए हैं। 850 पन्नों की किताब में शांति प्रक्रिया को बढ़ाने में पाकिस्तान और भारत किस तरह से योगदान करें, इसका जिक्र है। यह कश्मीर मुद्दे के अलावा पाकिस्तान, अमेरिका, अफगानिस्तान और भारत के पड़ोसी देशों के रिश्तों को एक विश्लेषण प्रदान करता है।

महत्वपूर्ण बात है कि विदेश नीति मामलों पर राजनीतिक विभाजन के दूसरे पक्ष को भी उन्होंने बखूबी बताया है। इसमें युद्ध के बजाय अन्य शांतिप्रिय रास्तों पर चलने का उन्होंने आह्वान किया है। इसमें कश्मीर पर न तो बाज और न ही कबूतर की दृष्टि रखने को कहा है।

विज्ञापन

कश्मीर हमारा है और हमारा ही रहेगा

 Pak former Foreign Minister Khurshid Mahmood Kasuri statement on pm modi.

कारगिल युद्ध के दौरान थल सेनाध्यक्ष रहे जनरल वीपी मलिक ने रविवार को खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में अपनी किताब इंडिया मिलिट्री कनफ्लिक्ट एंड डिप्लोमेसी पर चर्चा के दौरान कहा कि कश्मीर हमारा है और हमारा ही रहेगा। उन्होंने कहा कि कारगिल जैसी नौबत आई तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। भारत में डिफेंस और सिक्योरिटी पर खर्च होने वाला बजट सार्वजनिक होना चाहिए।

सुरक्षा का बजट कहां और कब खर्चा जा रहा है, इसका भारत की जनता को पता होना चाहिए। डिफेंस और सुरक्षा मुद्दों को हर कोई जाने इसलिए उन्होंने इंडिया मिलिट्री कनफ्लिक्ट एंड डिप्लोमेसी किताब लिखी है। उन्होंने बताया की देश में रक्षा बजट 2.46 हजार करोड़ है। जो जीडीपी का 1.8 प्रतिशत है।

बिना तैयारी नहीं होनी चाहिए पीएम स्तर की बातचीत : कसूरी

 Pak former Foreign Minister Khurshid Mahmood Kasuri statement on pm modi.

पाकिस्तान के पूर्व विदेशमंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के बीच शिखर वार्ता बिना ‘उचित तैयारियों’ के नहीं होनी चाहिए और उफा के बाद आए गतिरोध को भंग करने का एकमात्र रास्ता पर्दे के पीछे की कूटनीति होनी चाहिए।

कसूरी ने कहा कि जिस तरह दोनों देश 2004 और 2007 के बीच खुफिया वार्ता के जरिये कश्मीर मसले हल ढूंढने की कोशिश कर रहे थे, उसी तरह उन्हें खुफिया वार्ता संचालित करनी चाहिए। पाकिस्तान के पूर्व विदेशमंत्री ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों को अपने तल्ख रिश्तों में सुधार के लिए परस्पर वैमनस्य दूर करना चाहिए।

कसूरी ने दावा किया कि तकरीबन आठ साल पहले पर्दे के पीछे की कूटनीति से कश्मीर के स्थायी हल का रास्ता लगभग निकल चुका था। इस हल को पाकिस्तानी सेना और आईएसआई का अनुमोदन था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed