हिमाचल के डॉ. ओमेश और अजय ठाकुर को पद्मश्री
गृह मंत्रालय ने शुक्रवार शाम को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। हिमाचल के डा. ओमेश कुमार भारती और कबड्डी खिलाड़ी अजय ठाकुर को पदमश्री अवार्ड के लिए चुना गया है। डा. ओमेश ने कुत्तों और बंदरों के काटने के लिए इलाज के लिए एंटी रैबीज प्रोटोकोल तैयार किया है। डा. ओमेश वर्तमान में शिमला के परिमहल में तैनात हैं।
मूल रूप से कांगड़ा के ज्वालामुखी के रहने वाले डा. ओमेश की ओर से तैयार किए गए प्रोटोकाल से रैबीज से बचने का इलाज सस्ता हो गया है। पहले जहां रैबीज के इलाज पर 30 से 35 हजार रुपये खर्च आता था, वहीं इनके किए शोध के बाद मात्र 300 रुपये से भी कम में रैबीज का इलाज हो जाता है। इनके किए शोध को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मान्यता देते हुए इसे विश्व स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए थे।
उधर, सोलन जिले के दभोटा के रहने वाले अजय ठाकुर ने कबड्डी में देश का नाम दुनिया में चमकाया है। भारतीय टीम के कप्तान अजय की अगुवाई भारतीय कबड्डी टीम ने पिछले साल एशियाड़ में रजत पदक जीता था। उन्होंने कबड्डी वर्ल्ड कप-2016 में बेहतरीन प्रदर्शन कर देश को गोल्ड मेडल दिया था। उन्हें स्टार प्लेयर का खिताब भी दिया गया।
2014 एशियन गेम्स में अद्भुत प्रदर्शन के बूते टीम को गोल्ड मेडल जिताया। हिमाचल सरकार ने उन्हें डीएसपी रैंक से नवाजा है। अजय ठाकुर प्रो कबड्डी लीग में बंगलूरू बुल्स, पुनेरी पल्टन और तमिल थलाइवा का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अजय के पिता छोटू राम स्टेट लेवल के पहलवान रह चुके हैं। गृह मंत्रालय की ओर से घोषित पुरस्कारों में 4 पदम विभूषण, 14 पदम भूषण और 94 पद्मश्री अवार्ड शामिल हैं।