पी मित्रा मामला: विजिलेंस ब्यूरो ने राजस्व विभाग से फाइल मांगी तो भेज दी सीएम कार्यालय
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पी. मित्रा मामले में वांछित धारा 118 की मंजूरी की असली फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने फि लहाल अपने पास रोक दी है। इस फाइल पर सीएमओ अध्ययन कर रहा है। विजिलेंस ब्यूरो ने राजस्व महकमे से यह फाइल मांगी तो इसे आगे सीएम कार्यालय को यह पूछने के लिए भेजा गया कि इसका क्या किया जाए। सीएम कार्यालय में यह फ ाइल सप्ताह भर से रुकी बताई जा रही है।
खुद विजिलेंस ब्यूरो भी सीएम कार्यालय में संपर्क करने के बजाय अभी इसका इंतजार कर रहा है। विजिलेंस ब्यूरो ने भू सुधार अधिनियम की धारा 118 के तहत एक पार्टी को जमीन खरीदने की मंजूरी देने में अवैध वसूली के आरोप में यह जांच बैठाई है। सूत्रों ने बताया कि इस जांच में हाल ही में सेवानिवृत्त हुए मुख्य सचिव विनीत चौधरी भी खासी दिलचस्पी ले रहे थे। उन्होंने जांच को लेकर अनेक बार विजिलेंस अधिकारियों को अपने पास बुलाया।
यह जांच एक रिकॉर्डेड बातचीत को आधार बनाकर शुरू की गई है। बताया जा रहा है कि विजिलेंस जांच का आधार जिस रिकॉर्डेड बातचीत को बनाया गया है, उसमें पूर्व मुख्य सचिव पी. मित्रा की आवाज होने का दावा किया गया है। सूत्रों की मानें तो मित्रा इस आवाज की सत्यता को अपने बयान में खारिज कर चुके हैं। इसलिए सत्यता की परख को विजिलेंस ने उनके वॉयस सैंपल लेने और पॉलीग्राफ टेस्ट करने को कोर्ट में अरजी दी है।
सप्ताह भर पहले विजिलेंस ब्यूरो ने इस केस की पड़ताल के बीच राजस्व विभाग से इसकी असली फाइल मांगी है, जिसे अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ने विजिलेंस को भेजने के बजाय आगे सीएम कार्यालय को भेज दिया है। अब सीएम कार्यालय इस पर अध्ययन कर रहा है। इसके बाद ही फ ाइल विजिलेंस ब्यूरो को भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की जा सकेगी।