Sirmour News: वन रक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति देने के आदेश
नाहन वृत्त में तैनात वनरक्षक इंतजार की ओर से दायर याचिका पर मुख्य न्यायाधीश शबीना व सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने एकल पीठ के फैसले को बदला है।
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हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने वन रक्षकों की वरिष्ठता को लेकर अहम आदेश दिए हैं। नाहन वृत्त में तैनात वनरक्षक इंतजार की ओर से दायर याचिका पर मुख्य न्यायाधीश शबीना व सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने एकल पीठ के फैसले को बदला है। साथ ही खंडपीठ ने प्रधान मुख्य अरण्यपाल के डीपीसी आदेशों को भी निरस्त किया है। खंडपीठ ने उपवन राजिक (डिप्टी रेंजर) के पद पर पदोन्नति के लिए सीधे भर्ती हुए वन रक्षकों की वरिष्ठता सूची सेवा अवधि के आधार पर सख्ती से पालन करने का अहम फैसला सुनाया। नाहन सर्कल में तैनात वनरक्षक इंतजार ने बताया कि वरिष्ठता के आधार ही पदोन्नति के आदेश हुए हैं।
पहले भी उन्होंने याचिका दायर की थी, जिसे एकल पीठ ने 22 अगस्त 2022 में खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने फिर ठोस तथ्यों के साथ हाईकोर्ट में चुनौती दी। उन्होंने बताया कि विभाग ने 2019 में मेरिट के आधार पर पदोन्नति देने के आदेश जारी किए थे। इसी आधार पर सितंबर 2022 में कइयों को पदोन्नति भी दे दी। इससे आरएंडपी रूल्स 1978 का उल्लंघन हुआ। अब खंडपीठ ने वरिष्ठता सूची के आधार पर आरएंडपी रूल्स के तहत ही पदोन्नति देने के आदेश दिए हैं। उधर, प्रदेश वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के सदस्य योगेश ने प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा वन रक्षकों की वरिष्ठता सूची सेवा अवधि के आधार पर पदोन्नति के पक्ष में फैसला देने का स्वागत किया है।