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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   OPS case: Rajan Sushant said that if the old pension is not restored in 15 days, there will be agitation

ओपीएस मामला: राजन सुशांत बोले- 15 दिन में पुरानी पेंशन बहाल नहीं की तो होगा आंदोलन

Mon, 31 Jan 2022 09:43 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Published by: Krishan Singh Updated Mon, 31 Jan 2022 09:43 PM IST
सार

सरकार कर्मचारियों को न्यू पेंशन स्कीम के फायदे बता रही है। अगर न्यू पेंशन स्कीम इतनी ही अच्छी है, तोविधायक व सांसदों को भी न्यू पेंशन के अंतर्गत लाया जाए। उन्होंने कहा कि देश के सांसदों व विधायकों में से किसी ने भी अपनी पेंशन छोड़ने की हिम्मत नहीं जुटाई है। 

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OPS case: Rajan Sushant said that if the old pension is not restored in 15 days, there will be agitation
पूर्व सांसद राजन सुशांत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार ओपीएस (ओल्ड पेंशन स्कीम) को लेकर कर्मचारियों को गुमराह कर रही है। कर्मचारियों के लिए लाया छठा वेतन आयोग भी छलावा ही है। उक्त बात पूर्व सांसद राजन सुशांत ने कही। उन्होंने कहा कि अगर सरकार 15 दिन के अंदर ओपीएस लागू नहीं करती है, तो कर्मचारियों के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों को न्यू पेंशन स्कीम के फायदे बता रही है। अगर न्यू पेंशन स्कीम इतनी ही अच्छी है, तो विधायक व सांसदों को भी न्यू पेंशन के अंतर्गत लाया जाए। उन्होंने कहा कि देश के सांसदों व विधायकों में से किसी ने भी अपनी पेंशन छोड़ने की हिम्मत नहीं जुटाई है।

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उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी कई सालों से ओपीएस को लागू करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन प्रदेश सरकार कुछ नहीं कर रही है। इसके लिए प्रदेश मुख्यमंत्री को कर्मचारियों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रीय दलों को एक मंच पर इकट्ठा करेंगे। वहीं प्रदेश के लिए तीसरा नया विकल्प बनाएंगे। वहीं अगर उनकी सरकार बनती है, तो वह दो घंटे में ही ओपीएस लागू कर देंगे। वहीं एक साल में दो लाख युवाओं को रोजगार देंगे व सीमेंट के दामों को भी कम करेंगे।
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एंबुलेंस सेवा 108 और 102 से निकाले कर्मियों का धरना जारी
वहीं, राजधानी के कसुम्पटी स्थित एसडीए परिसर के बाहर 108 और 102 एंबुलेंस सेवा से निकाले गए कर्मियों का धरना प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा है। इन कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर कंपनी ने उन्हें वापस नौकरी पर नहीं रखा तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर देंगे। 108 और 102 कर्मचारी यूनियन के संयोजक मनोहर लाल व सह संयोजक प्रवीण कुमार ने बताया कि नई कंपनी ने करीब डेढ़ सौ कर्मियों को बेवजह नौकरी से निकाल दिया है। जबकि उनकी जगह सिफ ारिश के आधार पर अन्य को नियुक्तियां दे दीं। प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है किअब प्रदर्शन में उनके परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे। इन कर्मियों ने नेशनल हेल्थ मिशन के कार्यालय के सामने तंबू गाड़ दिया है। 
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