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मरीजों को राहत: आईजीएमसी के बाद अब टांडा में शुरू होगी ओपन हार्ट सर्जरी
Wed, 14 Sep 2022 12:11 PM IST
अरविन्द ठाकुर
सुमित ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
सुमित ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 14 Sep 2022 12:11 PM IST
सार
आईजीएमसी के सीटीवीएस विभाग के डॉक्टरों की टीम टांडा जाएगी और अपनी निगरानी में करीब पांच से छह ओपन हार्ट सर्जरी करवाएगी। नवंबर माह के पहले सप्ताह में यह सर्जरी करवाई जाएगी।
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टांडा मेडिकल कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आईजीएमसी के बाद अब टांडा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की ओपन हार्ट सर्जरी शुरू होगी। स्वास्थ्य विभाग ने नवंबर माह में ओपन हार्ट सर्जरी शुरू करने के निर्देश जारी किए है। निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश पठानिया ने इस बात की पुष्टि की है।
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निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश पठानिया ने बताया कि टांडा में ओपन हार्ट सर्जरी शुरू करने से पहले टांडा मेडिकल कॉलेज के ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट (ओटीए), स्टाफ नर्सेज और वार्ड सिस्टर समेत दस लोगों को आईजीएमसी के सीटीवीएस (कार्डिक थोरेसिक वस्कुलर सर्जरी) विभाग में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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20 सितंबर से 20 अक्तूबर तक यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद आईजीएमसी के सीटीवीएस विभाग के डॉक्टरों की टीम टांडा जाएगी और अपनी निगरानी में करीब पांच से छह ओपन हार्ट सर्जरी करवाएगी। बताया जा रहा है कि नवंबर माह के पहले सप्ताह में यह सर्जरी करवाई जाएगी।
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निजी अस्पतालों में तीन गुना पैसा चुकाते थे मरीज
प्रदेश में अब तक आईजीएमसी में ओपन हार्ट सर्जरी की सुविधा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में महीने भर में 25 से 26 केस किए जाते है। चूंकि इसके बाद पीजीआई में यह ऑपरेशन होते है। जबकि जो लोग दिल्ली, लुधियाना में यह सर्जरी करवाने जाते थे उन्हें तीन गुणा पैसा अधिक चुकाना पड़ता था। लेकिन अब सरकारी अस्पतालों में ओपन हार्ट शुरू होने से प्रदेश के मरीजों को लाभ होगा। वहीं लाखों रुपये खर्च नहीं करने होंगे।