सरकारी अस्पताल में मात्र एक बेड, लेंटर में दरियों पर लिटाकर चढ़ा दिया ग्लूकोज
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मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र सराज के छतरी और लस्सी गांवों में डायरिया की चपेट में आए लोगों के इलाज में कोताही बरतने का मामला सामने आया है। इलाके के करीब आठ दर्जन लोग डायरिया की चपेट में आ गए।
इनमें से कुछ की सेहत ज्यादा खराब होने पर उन्हें पीएचसी छतरी में दाखिल किया गया। एक बिस्तर वाले इस पीएचसी में मरीजों को अस्पताल की छत पर लिटाकर ग्लूकोज चढ़ाना पड़ा।
ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुलती नजर आई। हालांकि शाम को गंभीर मरीजों को 20 किलोमीटर दूर सिविल अस्पताल जंजैहली भेज दिया। उधर, आईपीएच महकमे ने पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं।
पीएचसी छतरी के प्रभारी ने ये कहा
स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों का उपचार शुरू कर दिया है और दवाइयां बांट दी हैं। छतरी पीएचसी में भर्ती मरीजों में सुमित्रा, शीतल, मोनिका, रंजना, प्रोमिला, नताशा को खुले में ग्लूकोज चढ़ाया गया।
पीएचसी छतरी के प्रभारी डॉक्टर विवेक ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। मरीजों का उपचार चल रहा है और दवाइयां वितरित कर दी गई हैं। आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता सुशील कुमार ने कहा कि डायरिया की भनक लगते ही विभाग ने पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।