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खुशखबरी! एक साल सबकी बढ़ी सरकारी नौकरी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 25 May 2014 11:32 PM IST
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हिमाचल सरकार ने सारे सरकारी कर्मचारियों की नौकरी एक साल बढ़ा दी। शनिवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया कि सभी सरकारी कर्मचारियों को 58 वर्ष से 59 वर्ष तक सेवा विस्तार दिया जाएगा।
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यह सेवा विस्तार हालांकि प्रदेश सरकार की संतुष्टि पर निर्भर होगा। यानी सेवानिवृत्ति की उम्र नहीं बढ़ी है, बल्कि एक साल सेवाकाल एक्सटेंशन से मिलेगा। राज्य सरकार ने खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया है।
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मंत्रिमंडल ने उद्योगों को धारा 118 की मंजूरी आसान करने के लिए भू-सुधार नियम 1975 में संशोधन किया गया। इसके तहत औद्योगिक प्लाटों के मामले में सिंगल विंडो में ही धारा 118 की मंजूरी मिल जाएगी।
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पर्यावरण संरक्षण नियमों के प्रावधानों के अनुसार हिमाचल में स्थापित होने वाले स्टोन क्रशरों के लिए संशोधित मापदंडों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने 1997 तथा 2002 में अनुबंध आधार पर नियुक्त नेट-सेट परीक्षा पास कालेज कॉडर प्रवक्ताओं को रेगुलर किया गया।
यह फैसला एक जून, 2014 से लागू होगा। शिमला जिले में खड़ापत्थर-हाटकोटी-रोहड़ू सड़क मार्ग को चौड़ा करने का कार्य पूरा होने तक मंत्रिमंडल ने मेसर्स सीएंडसी कंस्ट्रक्शन लिमिटेड को स्टोन क्रशर स्थापित करने के लिए राज्य उच्च मार्ग और आबादी देह से निर्धारित मापदंडों में छूट दे दी।
बैठक में 15 मेगावाट साई कोठी बिजली प्रोजेक्ट बिजली बोर्ड को दिया गया। यह प्रोजेक्ट पहले हैदराबाद के वकामुल्ला चंद्रशेखर को दिया गया था, जिनसे लोन लेने पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर कई तरह के आरोप लगे थे। कैबिनेट ने पूर्व भाजपा सरकार के समय खोले गए 10 वन थाने भी बंद कर दिए।
ये वन (वन थाना) नियम, 2010 के तहत ठियोग के सैंज, हमीरपुर के नगरोटा सूरियां, मंडी के देवखन और बालू, रोहड़ू के टिक्कर, चंबा के कलैल, बिलासपुर के बस्सी, राजगढ़ के हाब्बन, पार्वती के मोहाल और ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के रोपा में खोले गए थे।
मंत्रिमंडल ने प्रदेश में मादक द्रव्यों की बिक्री पर चिंता व्यक्त करते हुए इस पर अंकुश लगाने को ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए आवारा पशु नीति को अपनी मंजूरी प्रदान की।