Hamirpur News: टौणी देवी क्षेत्र में डायरिया के 64 नए मामले, पीड़ितों की संख्या 400 पार
हमीरपुर जिले के स्वास्थ्य खंड टौणी देवी में बुधवार को डायरिया के 64 नए मामले सामने आए हैं। 88 मरीज टीक हो गए हैं। पांच मरीज अस्पताल में भी दाखिल हैं।
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हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के स्वास्थ्य खंड टौणी देवी में बुधवार को डायरिया के 64 नए मामले सामने आए हैं। 88 मरीज टीक हो गए हैं। पांच मरीज अस्पताल में भी दाखिल हैं। सक्रिय मामले 71 रह गए हैं। स्वास्थ्य खंड टौणी देवी में चार दिनों में 400 के पार हो गए हैं। रैपिड रिस्पांस टीम भी गत दिवस से फील्ड में उतरी हुई है। 12 पंचायतों के 27 गांवों में रैपिड रिस्पांस टीम उच्च स्तरीय जांच कर रही है। टीम भी डायरिया फैलने के कारणों का पता लगा रही है कि डायरिया किन कारणों से फैला है। जांच टीम ने जल शक्ति विभाग के टैंकों के साथ उन स्त्रोतों से भी सैंपल लिए जहां पानी स्टोर कर रखा गया था। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद मामले विस्तृत जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी।
रैपिड रिस्पांस टीम में शामिल स्वास्थ्य सेवाओं विभाग के उपनिदेशक डॉक्टर यशवंत रांटा, आईजीएमसी शिमला के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर किरण मोकटा, आईजीएमसी शिमला के डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन से डॉक्टर अनुराग पट्टी तथा हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के लैब तकनीशियन परीक्षित ने सिविल अस्पताल टौणी देवी पीएचसी उहल, उटपुर बारी मंदिर छत्रैहल और गवारडू पहुंचे। टीम ने लोगों से बातचीत की और तथ्य जुटाए। कई जगह से पानी के सैंपल एकत्र कर शिमला भिजवाए गए हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय जगोता भी टीम के साथ दिनभर स्क्रीनिंग कार्य में जुटे रहे।
स्वास्थ्य विभाग के सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी
क्षेत्र से जिला स्वास्थ्य विभाग ने भी चार सैंपल लिए हैं जिनकी रिपोर्ट आना अभी शेष है। ऐसे में अब रिपोर्ट आने पर ही साफ हो पाएगा कि क्षेत्र में डायरिया किन वजहों से फैला है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में मटमैला पानी सप्लाई किया जा रहा था। जल शक्ति विभाग का दावा है कि उनके सैंपल पूरी तरह से ठीक हैं। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि क्या कारण हैं।
जल शक्ति विभाग हमीरपुर के अधिशासी अभियंता संजय ठाकुर ने कहा कि जल शक्ति विभाग ने 12 पानी के सैंपल लिए थे और सभी सैंपल ठीक पाए गए हैं। लेकिन खातरियों व बावड़ियों की पानी की गुणवत्ता मानकों में सही नहीं है। ऐसे में लोगों को ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग खातरियों व बावड़ियों के पानी को बिना उबाले प्रयोग न करें। सभी पेयजल टैंकों को साफ कर दिया गया है।