प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं-पुलिस कर्मियों में धक्कामुक्की
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मुख्यमंत्री आवास ओकओवर शिमला का घेराव करने जा रहे एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं की पुलिस कर्मियों के साथ धक्कामुक्की हो गई। मांगों को लेकर गुरुवार को सीएम आवास का घेराव करने से रोकने पर छात्र संगठन के कार्यकर्ता भड़क गए व केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एनएसयूआई के कार्यकर्ता स्कूल, कॉलेज और विवि की छह माह की फीस माफ करने के साथ यूजी प्रथम, द्वितीय वर्ष के छात्रों को प्रमोट करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
सीएम आवास से करीब 40 मीटर पीछे प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरीकेड्स लगाए थे। दोपहर बाद करीब तीन बजे कार्यकर्ता बैरीकेड्स को पार करने का प्रयास करने लगे। इस बीच 20 से 25 मिनट तक एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस कर्मियों के बीच धक्कामुक्की हुई। प्रदेश भर से प्रदर्शन में शामिल होने आए कार्यकर्ताओं ने एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन और प्रदेशाध्यक्ष छतर ठाकुर की अगुवाई में कांग्रेस मुख्यालय से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक रैली निकाली।
कोरोना काल में छात्रों को नहीं दी एक रुपये की राहत: कुंदन
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन ने कहा कि केंद्र सरकार ने कोरोना से निपटने को 20 हजार करोड़ का राहत पैकेज देने की घोषणा की थी। इसमें छात्रों को एक रुपये की राहत नहीं मिली। केंद्र और प्रदेश सरकार निजी और सरकारी स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक फीस को छह माह तक माफ करे। नई शिक्षा नीति में भी गरीब छात्रों के लिए सस्ती, उसकी पहुंच में गुणात्मक शिक्षा का कोई प्रावधान नहीं रखा है। भाजपा की सरकार हाथरस में एक बेटी के साथ दुष्कर्म होने पर उसे न्याय दिलवाने में नाकाम रही है।
इन मांगों को लेकर बोला हल्ला
एनएसयूआई ने निजी, सरकारी स्कूलों को छह माह की फीस माफ करने, स्नातक डिग्री कोर्स के प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों को पिछली परफॉर्मेंस के आधार पर प्रमोट करने, शिक्षा का निजीकरण, भगवाकरण बंद करने, किसान विरोधी बिल वापस लेने, अभिभावकों के विरोध के बावजूद स्थिति सामान्य, नियंत्रण में होने से पहले स्कूल कॉलेज न खोलने के साथ छात्रों की समस्याओं का निपटारा करने को ऑनलाइन पोर्टल खोलने की मांग की।