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Shimla News: चमियाना अस्पताल में अब 11 को होगी पहली रोबोटिक सर्जरी

Thu, 07 Aug 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Aug 2025 11:59 PM IST
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Now the first robotic surgery will be done on 11th in Chamiyana Hospital
खास खबर
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मुख्यमंत्री की मौजूदगी में चमियाना अस्पताल रचेगा नया इतिहास, रोबोटिक तकनीक से चार ऑपरेशन करने की तैयारी
प्रोस्टेट कैंसर, किडनी ट्यूमर के मरीजों की होगी सर्जरी
एक ऑपरेशन में ज्यादा लगा समय तो तीन ही सर्जरी होंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना में प्रदेश की पहली रोबोटिक सर्जरी 11 अगस्त को होगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में इस ऐतिहासिक सर्जिकल तकनीक की शुरुआत की जाएगी। बीते सप्ताह मुख्यमंत्री के जरूरी कार्यक्रमों के कारण यह सर्जरी स्थगित कर दी थी। अब तय तारीख और सभी तैयारियों के साथ संस्थान इतिहास रचने को तैयार है।

चमियाना अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुधीर शर्मा ने बताया कि रोबोटिक तकनीक से क्लीनिकल लॉन्चिग पर चार जटिल ऑपरेशन करने की योजना है। इनमें एक मरीज प्रोस्टेट कैंसर, दो गुर्दे (किडनी) में ट्यूमर और एक मरीज निष्क्रिय किडनी की समस्या से पीड़ित है। एक सर्जरी में अधिक समय लग सकती है। इसलिए अंतिम समय पर सर्जरी की संख्या में बदलाव या किसी सर्जरी को अगले दिन शिफ्ट भी किया जा सकता है।
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डॉ. शर्मा ने बताया कि इन सभी मामलों में पहले ही विस्तृत मूल्यांकन किया है और मरीजों की जांचें पूरी कर ली है। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अनंत कुमार के निरीक्षण में चमियाना अस्पताल में यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. पंपोष रैना और डॉ. नवीन कौंडल इस तकनीक का संचालन करेंगे। वह पहले ही एम्स जैसे संस्थानों में रोबोटिक सर्जरी का प्रशिक्षण ले चुके हैं और उनकी टीम पूरी तरह तैयार है।
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29 करोड़ से खरीदी गई है मशीन
चमियाना अस्पताल में लगाई गई दा विंची इलेवन रोबोटिक सर्जरी मशीन की लागत 29 करोड़ रुपये है। यह अमेरिका की इंट्यूटिव कंपनी में बनी है और दिल्ली एम्स, पीजीआई चंडीगढ़ जैसे संस्थानों में पहले से उपयोग में है। इस मशीन को संचालित करने के लिए प्रशिक्षित सर्जन के साथ विशेष ऑपरेटिंग थियेटर, मॉनिटरिंग यूनिट और रोबोटिक आर्म सिस्टम उपलब्ध है। इसके अलावा संस्थान में 42 करोड़ रुपये की लागत से यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, कार्डियोथोरेसिक, प्लास्टिक सर्जरी, पीडियाट्रिक सर्जरी जैसे विभागों के लिए अन्य उन्नत उपकरण भी स्थापित किए जा रहे हैं।



बड़े शहरों में जाने की नहीं रहेगी जरूरत
इस सुविधा से आम मरीजों को बड़ा लाभ मिलने वाला है। पहले जिन मरीजों को प्रोस्टेट कैंसर, गुर्दे के ट्यूमर, जटिल यकृत या हृदय सर्जरी के लिए चंडीगढ़, दिल्ली या जयपुर जैसे महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था अब शिमला में ही यह उपचार पा सकेंगे। रोबोटिक तकनीक से ऑपरेशन में समय कम लगेगा, सटीकता बढ़ेगी, रक्तस्राव की आशंका कम होगी और रिकवरी भी तेजी से होगी। इससे अस्पताल में बिस्तरों की उपलब्धता भी बेहतर होगी क्योंकि मरीज जल्दी डिस्चार्ज हो सकेंगे।
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