अंग्रेजी पढ़ाने के लिए सरकार ने निकाला नया फॉर्मूला
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हिमाचल में प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को अब चित्रों से अंग्रेजी समझाई जाएगी। सूबे में पहली से पांचवीं कक्षा तक की अंग्रेजी की पुस्तकें बदली जा रही हैं। इनमें अब पिक्टोरियल रिप्रेजेंटेशन (चित्रों के माध्यम से विषय की व्याख्या) अधिक होगी। अक्षरों का फोंट भी बदला हुआ होगा।
यानी पुस्तकों में अब अक्षर खुले और मोटे नजर आएंगे। प्राइमरी के सिलेबस को गठित कमेटी ने शिक्षा विभाग को इस संबंध में अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में दिए गए सुझावों पर सर्व शिक्षा अभियान निदेशालय गौर कर रहा है।
राज्य सरकार ने एससीईआरटी की प्रमुख मीरा वालिया की अध्यक्षता में बनी विशेषज्ञ कमेटी को पहली से पांचवीं कक्षा तक के सिलेबस को बदलने के लिए रिपोर्ट देने को कहा था। इस कमेटी ने गंभीर विचार-मंथन के बाद शिक्षा विभाग को रिपोर्ट सौंप दी है।
ये मिले सुझाव
इसमें यह सुझाव दिया गया है कि वर्तमान में प्राइमरी की पुस्तकों में पिक्टोरियल रिप्रेजेंटेशन की कमी है। अगर पुस्तकों में अधिक से अधिक चित्र दिए जाएं और इन चित्रों के साथ साफ, मोटे और आकर्षक अक्षरों के वाक्य हों तो बच्चों को पढ़ने-लिखने और सीखने में आसानी होगी।
मौजूदा पुस्तकों में पुराने फोंट में अधिक घनत्व वाले आकर्षणहीन अक्षरों के बजाय आकर्षक रिप्रजेंटेशन पर बल दिया गया है। निदेशक सर्व शिक्षा अभियान घनश्याम चंद ने माना कि पिक्टोरियोरियल रिप्रेजेंटेशन और फोंट में बदलाव के साथ नई पुस्तकें जल्दी प्रकाशित की जा रही हैं।
‘पहली से पांचवीं कक्षा तक की अंग्रेजी की पुस्तकों में बदलाव के लिए कमेटी की रिपोर्ट मिल गई है। इसमें दिए सुझावों पर गौर किया जा रहा है। - पीसी धीमान, प्रधान सचिव, शिक्षा, हिमाचल प्रदेश