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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Now Permit for attendants will be compulsory at IGMC.

आईजीएमसी में प्रवेश अब नहीं आसान, हर तीमारदार का बनेगा पास

Tue, 05 Jul 2016 11:10 AM IST
सुमित ठाकुर/अमर उजाला, शिमला
सुमित ठाकुर/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 05 Jul 2016 11:10 AM IST
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Now Permit for attendants will be compulsory at IGMC.
आईजीएमसी

आईजीएमसी शिमला में अब बिना परमिट तीमारदार दाखिल नही हो पाएंगे। यह व्यवस्था अस्पताल प्रबंधन ने वार्डों तथा परिसर में भीड़ को कम करने के लिए की है। वार्डों में मरीजों को देखने के लिए आने वाले की तीमारदारों काफी संख्या रहती है।

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ऐसे में उनमें संक्रमण का खतरा भी बना रहता है। इधर, तीमारदारों की आड़ में कुछ संदिग्ध लोग भी अस्पताल में घुस आते हैं जो चोरी ओर पॉकेटमारी जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। अब अस्पताल प्रबंधन मरीजों के साथ केवल एक तीमारदार को ही रहने की इजाजत देगा।
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परिजन को गेट पास जारी होगा, बिना गेट पास के किसी भी व्यक्ति की एंट्री वार्ड में नही हो पाएगी। आईजीएमसी के इमरजेंसी मेडिसन वार्ड में ट्रायल के तौर पर यह सुविधा शुरू की गई थी। व्यवस्था के शुरू होने के बाद काफी हद तक वार्ड में भीड़ काफी कम हो गई है।
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अस्पताल में पास बनने के बाद मरीज के साथ केवल एक व्यक्ति ही वार्ड में दाखिल हो पाएगा। इससे अस्पताल में मरीजों के साथ ठगी और चोरी जैसे मामले भी कम होंगे। मरीज के ज्यादा गंभीर होने पर डॉक्टर और वार्ड सिस्टर के कहने पर ही परिजनों को दो कार्ड मुहैया करवाएं जाएंगे।

हफ्ते के भीतर बनेंगे पास, गुम होने पर देना होगा जुर्माना

Now Permit for attendants will be compulsory at IGMC.
डॉ. राहुल राव, - डिप्टी एमएस, आईजीएमसी - फोटो : अमर उजाला

अस्पताल में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अस्पताल में रोजाना औसतन पच्चीस सौ से लेकर तीन हजार पर्चियां बन रही हैं। जबकि ओपीडी में उपचार देने के बाद बहुत से मरीजों को वार्ड में दाखिल होने की सलाह डॉक्टर देते हैं।

ऐसे में मरीज के साथ कई तीमारदार वार्ड में घुस जाते हैं, जिससे कि अन्य लोगों को भी वार्ड में बढ़ी भीड़ के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कुछ मरीज तो तीमारदारों के शोर से भी काफी परेशान हो जाते हैं।

एक सप्ताह के भीतर सभी पास बन जाएंगे
एक सप्ताह के भीतर पास बन जाएंगे। इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद वार्ड में केवल एक तीमारदार ही एंट्री कर पाएगा।
- डॉ. राहुल राव, - डिप्टी एमएस, आईजीएमसी

अस्पताल प्रबंधन ट्रायल के तौर पर मेडिसन, सर्जरी, आर्थो और इमरजेंसी ओपीडी में ट्रायल के तौर पर गेट पास एंट्री शुरू करेगा। व्यवस्था सफल होने के बाद सभी वार्डों में शुरू किया जाएगा।

एक पेशेंट के साथ एक गेट पास
अस्पताल के वार्डों में एंट्री के लिए एक मरीज के साथ केवल एक गेट पास उपलब्ध करवाया जाएगा। अगर डॉक्टर और वार्ड सिस्टर कहे कि पेशेंट काफी गंभीर है तो उसके परिजनों को ही अलग अलग पास उपलब्ध करवाए जाएंगे।
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पास गुम होने पर बीस रुपये चार्ज
अगर अस्पताल में किसी का गेट पास गुम हो जाता है, तो प्रबंधन इसके लिए बीस रुपये का चार्ज भी वसूलेगा।

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