बड़ी खबर: सरकार ने दिया अधिकार, अब पंचायतें भी वसूलेंगी टैक्स
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वित्तीय आत्मनिर्भरता के लिए हिमाचल सरकार ने पंचायतों को भी प्रॉपर्टी टैक्स लगाने का अधिकार दे दिया है। ग्रामीणों पर प्रॉपर्टी टैक्स लगाकर पंचायतें अपने खर्चों के अतिरिक्त विकास के लिए जरूरी पैसा जुटा सकेंगी।
सरकार के इस फैसले से सूबे की 3226 पंचायतों की वित्तीय हालत में सुधार होगा। लेकिन प्रॉपर्टी टैक्स लागू करने से पहले पंचायतों को ग्रामसभा से प्रस्ताव पारित कराना होगा। शिमला की भौंट पंचायत ने सरकार की अनुमति के बाद प्रापर्टी टैक्स लागू कर दिया है।
इससे पूर्व प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने का अधिकार केवल स्थानीय निकायों (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत) तक सीमित था। भौंट पंचायत के प्रधान कृष्ण दत्त ने बताया कि ग्राम सभा से प्रॉपर्टी टैक्स का प्रस्ताव पारित कर दिया गया है।
इन चीजों पर लग सकेगा टैक्स, ऐसे होगा खर्च
सर्वसहमति से 200 रुपये सालाना टैक्स लेने पर फैसला हुआ है। पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने बताया कि पंचायतों को विवाह पंजीकरण शुल्क, डोर टू डोर कचरा एकत्रीकरण फीस, परिवार पंजीकरण फीस के बाद अब सालाना प्रॉपर्टी टैक्स लेने के अधिकार दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स से पंचायतों की आय का स्रोत तैयार होगा। यह राशि गांवों के विकास कार्यों पर खर्च की जा सकेगी।
इन कार्यों पर खर्च होगा प्रॉपर्टी टैक्स
प्रॉपर्टी टैक्स का पैसा पंचायतों के कार्यक्रम, स्टेशनरी, साफ सफाई, रास्तों को दुरुस्त करना, टूटी-फूटी रेलिंग को ठीक करवाना आदि कार्यों में खर्च किया जा सकेगा।