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Himachal: अब स्थानांतरित हो सकेंगे नगर निगमों के अधिकारी और कर्मचारी, विधानसभा में विधेयक पेश

Fri, 22 Sep 2023 10:54 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 22 Sep 2023 10:54 AM IST
सार

मुख्यमंत्री ने इस संशोधन विधेयक को प्रस्तुत करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में पांच नगर निगम हैं। ये नगर निगम शिमला के अलावा धर्मशाला, सोलन, मंडी और पालमपुर में हैं। 

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Now officers and employees of municipal corporations will be able to transfer, bill introduced in the himachal
हिमाचल विधानसभा शिमला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को विभानसभा में हिमाचल प्रदेश नगरपालिका सेवा संशोधन विधेयक 2023 पेश किया। इसमें प्रदेश के पांचों नगर निगमों की सेवाओं को राज्यस्तरीय करने का प्रस्ताव रखा गया। सीएम ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश में पूर्व में एकमात्र नगर निगम शिमला में होने के चलते इसमें नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाओं को राज्यस्तरीय सेवाएं नहीं माना गया। केवल नगर परिषद और नगर पंचायत की सेवाओं को ही राज्यस्तरीय सेवाएं माना गया।

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यानी अब विभिन्न श्रेणियों के अधिकारी और कर्मचारी यहां से वहां स्थानांतरित हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इस संशोधन विधेयक को प्रस्तुत करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में पांच नगर निगम हैं। ये नगर निगम शिमला के अलावा धर्मशाला, सोलन, मंडी और पालमपुर में हैं। ऐसे में प्रस्ताव किया गया है कि इन नगर निगमों की सेवाओं को भी राज्यस्तरीय सेवाओं में सम्मिलित किया जाए। इसके लिए हिमाचल प्रदेश नगर पालिका सेवाएं अधिनियम-1994 को संशोधित करने का प्रस्ताव किया गया। इस संबंध में पहले ही अध्यादेश लाया जा चुका है और इस विधान को लागू किया जा चुका है।

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50 लाख से अधिक संपत्ति पर 8 फीसदी शुल्क का प्रस्ताव

 हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र के चौथे दिन वीरवार को भारतीय स्टांप (हिमाचल प्रदेश संशोधन) विधेयक-2023 पेश किया गया। प्रस्ताव किया गया है कि हिमाचल प्रदेश राज्य में लागू भारतीय स्टांप अधिनियम की दरों को पिछले दस वर्षों से संशोधित नहीं किया गया है। 50 लाख रुपये से अधिक संपत्ति के विनिमय पर 8 फीसदी शुल्क देने का प्रस्ताव किया गया है। मौजूदा शुल्क दरों के तहत संपत्ति के बाजार मूल्य पर महिलाओं के लिए चार प्रतिशत और अन्य व्यक्तियों के लिए छह प्रतिशत शुल्क दर दिए जाने का प्रस्ताव है।

यदि संपत्ति का बाजार मूल्य पचास लाख से अधिक है तो उस स्थिति में आठ प्रतिशत शुल्क देना होगा। इसके अलावा दत्तक ग्रहण, हस्तांतरण पत्र, संपत्ति का विनिमय, दान, पट्टा, बंधक, मुखतारनामा और बंदोबस्त के लिए स्टांप शुल्क की विद्यमान दरों में आवश्यक परिवर्तन करने का प्रस्ताव किया गया है। एक सौ रुपये की दर वाले विलेख के लिए एक हजार रुपये देने होंगे। परंतु यदि दान विलेख के रजिस्ट्रीकरण की तारीख से एक वर्ष के भीतर वही प्रदाता और लेने वाला दान विलेख जिसका बाजार मूल्य पचास लाख रुपए से अधिक हो तो पूर्वतर मामलों सहित समस्त मामलों में आठ प्रतिशत स्टांप शुल्क प्रभारित किया जाएगा।

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