गुड न्यूज! चंद मिनटों में मिलेगा राजस्व रिकार्ड
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राजधानी शिमला के हजारों लोगों को अब राजस्व रिकार्ड पाने में दिक्कत नहीं झेलनी पड़ेगी। रिकार्ड को व्यवस्थित ढंग से रखने और इसके आधुनिकीकरण की कवायद सिरे चढ़ चुकी है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शनिवार को डीसी कार्यालय में सम्मेलन कक्ष, जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, ई-स्टैपिंग केंद्र, नेशनल लैंड माडर्न नाइजेशन प्रोजेक्ट, मुसाबी डिजिटलाइजेशन सुविधा, ई-डिस्ट्रीक्ट प्रोजेक्ट का लोकार्पण करने जा रहे हैं।
नेशनल लैंड मॉडर्नाईजेशन प्रोजेक्ट से भू-रिकार्ड के साथ भू-पंजीकरण से संबंधित परिवर्तन का सही रिकार्ड रखने में मदद मिलेगी। ई-डिस्ट्रीकट प्रोजेक्ट के माध्यम से लोगों को प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में और अधिक सुविधा होगी।
बढ़ेगी पारदर्शिता
प्रशासन में दक्षता और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। इसके माध्यम से 51 विभागों से संबंधित जन सेवाएं दो चरणों में लोगों को मुहैया करवाई जाएंगी। उपायुक्त ने कहा कि डिजिटल मुसाबी तकनीक के माध्यम से खराब हो चुके लट्ठों के डिजिटल प्रिंट उपलब्ध करवाएं जाएंगे।
लोगों को बेहतरीन सुविधाएं मिलेगी। उपायुक्त कार्यालय में स्थापित आधुनिक सम्मलेन कक्ष में 30 से अधिक लोगों के बैठने की सुविधा होगी। धरोहर इमारत में स्थापित इस सम्मेलन कक्ष को तत्कालीन वास्तु शिल्प के अनुरूप तैयार किया है।
इस सुविधा को लागू करने के लिए पूरी तैयारियां कर ली गई हैं।
200 रुपये तक के स्टैंप पेपर मिलेंगे
डीसी दिनेश मल्होत्रा ने कहा कि सुगम केंद्र में स्थापित किए जा रहे ई-स्टैपिंग केंद्र से जनता को 200 रुपये तक किसी भी मूल्य वर्ग की नॉन-जूडिशियल स्टैंप सर्टिफिकेट मुहैया होंगे।
इससे लोगों के समय भी बचत होगी और उन्हें स्टैंप पेपर लेने के लिए स्टैंप बैंडर के पास नहीं जाना पड़ेगा। केंद्र से जारी स्टैंप में किसी भी तरह की छेड़खानी नहीं हो सकती। इनका ऑनलाईन सत्यापन भी किया जा सकता है।
शीघ्र ही यह सुविधा उपमंडल, तहसील और सब तहसील स्तर भी मिलेगी। इस तरह की सुविधा प्रदान करने में शिमला का सुगम केंद्र प्रदेश का प्रथम केंद्र है।