अब आसानी से बदल सकेंगे गैस एजेंसी, जानिए कैसे?
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अगर आप अपने गैस वितरक से संतुष्ट नहीं हैं या आपकी कहीं दूसरी जगह ट्रांसफर हो गई है तो अब आप अपनी गैस एजेंसी भी बदल सकते हैं। ऐसा आप कर सकेंगे एलपीजी पोर्टिबिलिटी सेवा के जरिए।
यह सेवा आपको अपनी पसंद का गैस वितरक चुनने का मौका देगी। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने राजधानी शिमला में इस सेवा को शुरू कर दिया है। यह सेवा आपको आपकी पसंद का गैस वितरक चुनने का मौका देगी।
इसके लिए आपको गैस कंपनियों की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इसके जरिए आप शिकायत भी दर्ज कर सकेंगे।
एक हफ्ते में बदलेगी एजेंसी
यही नहीं, आप यदि अपने वितरक से संतुष्ट नहीं हैं तो गैस कंपनी के पोर्टल के जरिये ही दूसरे डिस्ट्रिब्यूटर को चुन भी सकते हैं। इस पूरे प्रोसेस में एक सप्ताह लगेगा। एक बार वितरक बदलने का आप्शन लेने के बाद आपके पास दो दिन का समय होगा कि आप उसे कैंसल कर सकें।
यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो सात दिन के भीतर आपके कागजात नए डिस्ट्रिब्यूटर के पास पहुंच जाएंगे और वह आपको वाउचर दे देगा। यह सुविधा एक ही गैस कंपनी के बीच ट्रांसफर की है।
यानी यदि आप एचपी के कंज्यूमर हैं तो उसके ही दूसरे डिस्ट्रीब्यूटर से सेवा ले सकते हैं न कि बीपीसी या आईओसी से।
हर एजेंसी की होगी रेटिंग
पोर्टिबिलिटी के आधार पर गैस एजेंसियों की रेटिंग भी तय की जाएगी। दो दिन के अंदर 85 प्रतिशत सिलेंडर डिलीवर करने वाले को पांच नंबर दिए जाएंगे। वहीं जो दस दिन बाद 85 प्रतिशत सिलेंडर डिलीवर करेंगे।
उसे शून्य नंबर दिया जाएगा। इसी आधार पर डिस्ट्रीब्यूटरों के प्रदर्शन का डाटा तैयार कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें अधिकतम सजा डिस्ट्रीब्यूटरशिप कैंसल करना है। हर एजेंसी की रेटिंग की हर हफ्ते समीक्षा की जाएगी।