शिमला के लोगों के लिए बड़ी राहत, पढ़ें जरूर
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प्रदेश सरकार ने अवैध भवनों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस फैसले से राजधानी के दस हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। मर्ज एरिया के छह वार्डों में सबसे अधिक अवैध निर्माण हैं। भवन नियमित होने से इन लोगों को पानी और बिजली के घरेलू कनेक्शन मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।
टीसीपी के दायरे में जिन भवन मालिकों ने 70 फीसदी तक डेविएशन कर रखी है, उनके भवन नियमित होंगे। राज्य सरकार के अवैध भवनों को नियमित करने के फैसले से राजधानी के मर्ज एरिया वार्डों में रहने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी। शहर में आठ हजार से अधिक अवैध निर्माण हैं।
वर्तमान में ये परिवार बिना पानी, बिजली और सीवरेज कनेक्शनों के जीवन यापन कर रहे हैं या व्यवसायिक दरों पर इन्होंने पानी और बिजली के कनेक्शन लिए हुए हैं। टुटू, कसुम्पटी, मल्याणा, चम्याणा, न्यू शिमला, छोटा शिमला, खलीनी और ढली में इन मकानों की संख्या अधिक है।
70 फीसदी डेविएशन होगी नियमित
टीसीपी के दायरे में जिन भवन मालिकों ने 70 फीसदी तक डेविएशन कर रखी है, उनके भवन नियमित होंगे। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने टीसीपी एक्ट में संशोधन किया है। एक्ट में जिन भवन मालिकों ने छह मंजिला भवन का निर्माण किया है। उन्हें भी राहत दी गई है। अवैध भवन मालिकों को आवेदन फार्म के लिए एक हजार रुपये चुकाने का प्रावधान रखा गया है।
इस तरह नियमित होंगे भवन..कैटेगिरी नंबर 1
ऐसे भवन जिनके निर्माण के लिए अनुमति ली गई है पर बनाती बार डेविएशन की गई है। इनके लिए अलग से डेविएशन चार्जिज प्रस्तावित किए गए हैं, जिनका भुगतान करना होगा।
कैटेगिरी नंबर 2
ऐसे भवन जिनका निर्माण बिना अनुमति से किया गया है परंतु उनको नियमों के अनुसार बनाया गया है। ऐसे भवनों को नियमित करने के लिए कंपाउंडिंग शुल्क का प्रावधान किया गया है।
कैटेगिरी नंबर 3
ऐसे भवन जिनका निर्माण बिना अनुमति से किया गया है और नियमों का भी उल्लंघन किया है। इनके लिए डेविएशन चार्जिज और कंपाउंडिंग शुल्क दोनों का भुगतान करना होगा।