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OPS Himachal: पुरानी पेंशन लागू करने के लिए एसओपी, नियम-शर्तें अधिसूचित करेगा विभाग, कार्यालय ज्ञापन जारी

Tue, 17 Jan 2023 06:27 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 17 Jan 2023 06:27 PM IST
सार

 सरकार ने मंगलवार को वित्त विभाग को पुरानी पेंशन बहाल करने के निर्णय को लागू करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया(एसओपी), नियम और शर्तें अधिसूचित करने के निर्देश दिए हैं। 

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SOP will be issued to implement the old pension scheme in Himachal, Finance Department will notify the rules
पुरानी पेंशन योजना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर वित्त विभाग ने कार्यालय ज्ञापन जारी कर दिया है। अधिसूचना जारी होने में अभी कुछ और समय लगेगा। प्रदेश के 1.36 लाख कर्मचारियों की अब पुरानी पेंशन देने के फार्मूले पर नजरें टिक गई हैं। मंगलवार को जारी कार्यालय ज्ञापन में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में नई पेंशन योजना में शामिल कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाएगा। पुरानी पेंशन की नियम-शर्तें और एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) अलग से जारी की जाएगी। पुरानी पेंशन देने के लिए छत्तीसगढ़ की तर्ज पर हिमाचल का अपना फार्मूला बनाने पर माथापच्ची चल रही है। छत्तीसगढ़ में कर्मचारी केंद्र सरकार से पैसा वापस लाकर पिछली रकम को खुद जमा कर रहे हैं।

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वहां पर कर्मचारियों को ओपीएस में आने या एनपीएस में बने रहने के लिए विकल्प दिए गए हैं। हिमाचल में भी इसी तरह का फैसला हो सकता है। हिमाचल में पुरानी पेंशन देने के लिए इस साल करीब 800 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आने वाले समय में इसका बजट और बढ़ेगा। नई पेंशन योजना में आने वाले करीब 2,000 कर्मचारियों की इस वर्ष सेवानिवृत्ति होनी है। उधर, मुख्य सचिव मंगलवार को दिल्ली रवाना हो गए हैं। 20 जनवरी को उनके शिमला लौटने का कार्यक्रम है। ऐसे में ओपीएस की अधिसूचना के लिए अगले सप्ताह तक इंतजार बढ़ गया है। मंगलवार को भी दिन भर राज्य सचिवालय में वित्त विभाग के अधिकारी पुरानी पेंशन का गणित बनाने में जुटे रहे।
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20 साल बाद पुरानी पेंशन योजना 
गौरतलब है कि प्रदेश में करीब 20 साल बाद पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल हुई है। प्रदेश की सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार ने लोहड़ी पर पहली कैबिनेट बैठक में बहुप्रतीक्षित पुरानी पेंशन बहाल करने का फैसला लिया था। ओपीएस 2003 में बंद हुई थी। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले किया वादा निभाया। यह कांग्रेस के प्रतिज्ञा पत्र की पहली गारंटी थी।  राज्य मंत्रिमंडल से पुरानी पेंशन बहाल होने के बाद अब प्रदेश के लाखों कर्मचारियों की पेंशन के फार्मूले पर नजरें टिक गई हैं। ओपीएस कैसे मिलेगी और पेंशन की राशि कितनी होगी, इसको लेकर कर्मचारियों की ओर से तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
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2003 से पहले ऐसे मिलती थी पेंशन
हालांकि, पुरानी पेंशन का फार्मूला कौन सा होगा, इसकी जानकारी अभी किसी को नहीं। कर्मचारी यूनियनों के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में 15 मई 2003 से पहले सेंट्रल सिविल सर्विस पेंशन रूल 1972 के तहत पेंशन दी जाती थी। इसके तहत सेवानिवृत्ति के अंतिम दिन लिए गए वेतन का 50 फीसदी पेंशन राशि होती थी। इस नियम को ही दोबारा लागू करने के लिए हिमाचल सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दी है। पुरानी पेंशन योजना में सेवाकाल के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर पहले दस वर्षों तक 50 फीसदी पेंशन ही परिजनों को मिलती है। इसके बाद पेंशन की राशि को 30 फीसदी दिया जाता है। पुरानी पेंशन लेने के लिए किसी भी कर्मचारी की दस वर्षों की नियमित सेवा होना भी अनिवार्य है।

ओपीएस बहाली के लिए 2015 से कर्मचारी आंदोलन छिड़ा

प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली के लिए वर्ष 2015 से कर्मचारी आंदोलन छिड़ा और हिमाचल में चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद जिलों में चला क्रमिक अनशन बंद किया गया था। इस दौरान जिला और प्रदेश स्तर पर रैलियों का आयोजन भी किया गया। इसमें प्रदेश भर के कर्मचारी बराबर हिस्सा लेते रहे। 

एनपीएस कर्मचारियों की कब कहां रैली और अनशन 
1. वर्ष 2015 से प्रदेशभर में कर्मचारियों को एकजुट किया गया। 
2. 25 जुलाई, 2017 को शिमला सचिवालय के बाहर रैली हुई।
3. 30 अप्रैल, 2017 और 26 नवंबर को दिल्ली रामलीला मैदान में रैली।
4. दिसंबर, 2018 को धर्मशाला में रैली।
5. 15 फरवरी, 2019 में शिमला चौड़ा मैदान में रैली।
6. वर्ष 2020 में कोविड के दिशा-निर्देशों का पालन कर जिलों में रैलियां हुईं।
7.  3 मार्च, 2022 को पेंशन व्रत रखा गया।
8. 11 दिसंबर, 2021 को धर्मशाला में 50,000 कर्मचारियों की रैली।
9. 23 फरवरी से 3 मार्च तक मंडी से शिमला तक पद यात्रा की।
10. 3 मार्च, 2022 को शिमला सहित छह जिलों में रैली हुई। 
11. 13 अगस्त, 2022 को शिमला सहित छह जिलों में रैलियां हुईं। 
12. 13 अगस्त, 2022 से क्रमिक अनशन चला और चुनाव आचार संहिता के कारण अनशन खत्म किया। 

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