शौचालय न बनवाने पर 11 पंचायतों का सस्ता राशन बंद
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स्वच्छता मिशन के तहत टॉयलेट न बनवाने पर हिमाचल के जिला चंबा के भरमौर उपमंडल की 11 पंचायतों के 748 परिवारों का सरकारी राशन बंद कर दिया है। जब तक ये परिवार टॉयलेट नहीं बनवा लेते, तब तक सरकारी डिपुओं से राशन नहीं ले सकेंगे। उक्त कार्रवाई खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) ने अपने स्तर पर की है। इसके लिए जिला प्रशासन या सरकार की ओर से कोई निर्देश नहीं हैं।
उपमंडल को संपूर्ण स्वच्छ बनाने की मुहिम की लोग सराहना भी कर रहे हैं। बीडीओ का तर्क है कि जब गरीब परिवारों को टॉयलेट बनवाने के लिए सरकार की ओर से राशि दी जा रही है तो लेटलतीफी क्यों। भरमौर उपमंडल की 29 में से 11 पंचायतों के परिवारों पर कार्रवाई की जा चुकी है। शेष पंचायतों के ऐसे परिवारों को भी चिह्नित किया जा रहा है, जिन्होंने अभी तक टॉयलेट नहीं बनवाए हैं।
अब नहीं ले पाएंगे ये सस्ता सामान
बता दें कि प्रदेश सरकार की ओर से खाद्य आपूर्ति निगम के डिपुओं में आधे से भी कम कीमत पर तीन दालें, आटा और चावल दिए जाते हैं। आईआरडीपी और बीपीएल को तो और भी सस्ता राशन मिलता है। मगर अब इन गांवों के लोग तब तक ये राशन नहीं ले पाएंगे जब तक ये अपने घरों में शौचालय नहीं बनवा लेते।
खंड विकास अधिकारी भरमौर विवेक चौहान ने बताया कि संपूर्ण स्वच्छता मिशन के तहत सभी खंडों में सौ प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का दबाव है। कुछ लोग बार-बार कहने के बावजूद शौचालय नहीं बना रहे। अब उनके पास राशन बंद करने के अलावा कोई चारा नहीं है।
इसलिए करनी पड़ी ऐसी कार्रवाई
उपायुक्त एम सुधा देवी ने बताया कि शौचालय का निर्माण जरूरी है। सभी खंडों को लक्ष्य दिए गए हैं और तय समय पर इन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि, सरकारी तौर पर राशन बंद करने के निर्देश नहीं हैं, लेकिन कुछ मामलों में लोगों को डराने की जरूरत भी है।
सरकारी योजना से वंचित होंगे लोग : एसडीएम
एसडीएम भरमौर डॉ. जितेंद्र कंवर का कहना है कि भरमौर में लोगों को कई बार शौचालय बनाने के निर्देश दिए थे। लेकिन उन्होंने इन निर्देशों पर अमल नहीं किया। अब इन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा। इनमें राशन भी शामिल है।