पटवारी के 1120 पदों के लिए ढाई लाख आवेदन, मिलेगी छूट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्व विभाग में पटवारी के 1120 पदों के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। सरकार ने यह फैसला लिया है। राजस्व विभाग में पटवारी के 1120 पदों के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया में करीब दो लाख लोगों ने आवेदन किया है। इन पदों पर अगले महीने 13 अगस्त को प्रदेश के सभी जिलों में लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी।
परीक्षा में पास होने वाले आवेदकों को मेरिट के आधार पर सेलेक्ट कर सीधे ट्रेनिंग के लिए भेज दिया जाएगा। पहले लिखित परीक्षा के बाद इंटरव्यू का प्रावधान था लेकिन भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े होने के चलते राजस्व विभाग ने इंटरव्यू की व्यवस्था को खत्म कर दिया।
प्रदेश में 13 अगस्त को पटवारी के 1120 पदों के लिए जिलावार लिखित परीक्षा होगी। पटवारी भर्ती में सबसे ज्यादा 220 पद शिमला जिले में भरे जाएंगे। इसके अलावा कांगड़ा में 204, मंडी में 168, बिलासपुर में 60, चंबा में 75, हमीरपुर में 67, किन्नौर में 15, कुल्लू में 54, लाहौल स्पीति में 36, सोलन में 76, सिरमौर में 75 और ऊना में 70 पदों पर भर्ती होनी है। इन पदों के लिए दो लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। शैक्षणिक योग्यता जमा दो है जबकि एमए, पीएचडी के आवेदन भी आए हैं।
राजस्व मंत्री ने इसलिए लिया फैसला
राजस्व मंत्री कौल सिंह ने कहा कि परीक्षा में साक्षात्कार को लेकर कई बार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में मेरिट के आधार पर चयन की व्यवस्था लागू की गई थी। उन्होंने कहा कि पहले से इतर अब भर्ती में आवेदन काफी ज्यादा आते हैं ऐसे में लिखित परीक्षा में आवेदक की काबिलियत का पता लगाकर उसे भर्ती कर भर्ती प्रक्रिया को बिना विवादों के पूरा करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
बता दें, हाल ही में कैबिनेट बैठक के दौरान भी भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू को खत्म करने का मुद्दा उठा था। लेकिन दो कैबिनेट मंत्रियों के विरोध करने के चलते इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका था। सूत्रों का कहना था कि कैबिनेट मंत्रियों ने यह कहकर विरोध किया था कि ऐसा करना केंद्र सरकार के पीछे चलना होगा। हालांकि विरोध करने वाले मंत्रियों के विभागों की भर्तियां अक्सर विवादों और कोर्ट के चक्कर में अटकी रहती हैं। लेकिन मंत्रियों में एकराय न होने के चलते मुद्दे को ड्राप कर दिया गया था।
कौल सिंह ने कहा कि पिछले साल सरकार ने करीब साढ़े सात सौ पटवारियों की भर्ती की थी। 1120 पटवारियों की भर्ती की जा रही है। विभाग का प्रयास है कि अगले डेढ़ साल में प्रदेश का एक भी पटवार सर्किल खाली न रहे। लोगों को अब जमीन संबंधी काम के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।