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बिना पढ़े पास नहीं होंगे आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थी
Fri, 11 Jan 2019 01:33 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 11 Jan 2019 01:33 PM IST
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हिमाचल प्रदेश में पहली से आठवीं कक्षा तक बिना परीक्षा पास किए विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2019-20 से नो डिटेंशन पॉलिसी को समाप्त करने की हिमाचल में तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार इस संदर्भ में केंद्र सरकार से आदेश जारी होने का इंतजार कर रही है। केंद्र के समक्ष आठवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को फेल नहीं करने की नीति का हिमाचल पहले ही विरोध दर्ज करा चुका है।
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राज्यसभा ने आठवीं तक फेल नहीं करने की नीति में संशोधन वाले विधेयक को बीते दिनों मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रपति से मंजूरी मिलते ही विधेयक लागू हो जाएगा। केंद्र सरकार ने निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) विधेयक 2018 को दोनों सदनों से पारित करवा लिया है।
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स्कूलों में अनुत्तीर्ण होने की स्थिति में बच्चों को उसी कक्षा में रोकने या नहीं रोकने का अधिकार राज्यों के पास होगा। इस नई व्यवस्था के तहत स्कूलों में बोर्ड परीक्षा नहीं होगी बल्कि स्कूलों में ही परीक्षा होगी। फेल होने वाले छात्रों को दो महीने बाद एक और मौका भी दिया जाएगा। इस विधेयक को लागू करने की जिम्मेदारी अब राज्य सरकारों पर आ गई है।
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हिमाचल सरकार ने पहली से आठवीं कक्षा तक फेल नहीं किए जाने की नीति में बदलाव करने की मांग कई बार उठाई है। जब तक बच्चों के लिए लक्ष्य नहीं रखा जाएगा, तब तक बच्चे शिक्षा के प्रति गंभीर नहीं होंगे। नवीं और दसवीं के परीक्षा परिणाम खराब रहने का नो डिटेंशन पॉलिसी बड़ा कारण है। केंद्र से आदेश मिलते ही हिमाचल में नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। - सुरेश भारद्वाज, शिक्षा मंत्री हिमाचल सरकार