इस पर्यटन नगरी से विदेशी पर्यटकों ने किया किनारा, जानिए वजह
हिमाचल की इस पर्यटन नगरी से विदेशी पर्यटक मुंह मोड़ने लगे हैं। जिला कांगड़ा में ही पर्यटन विभाग के संचालित नौ होटलों में से एक में भी विदेशी मेहमान की कोई अग्रिम बुकिंग नहीं है।
निजी होटलों में भी गिने-चुने विदेशी पर्यटक ही धर्मगुरु दलाईलामा से मिलने की चाह में आ रहे हैं। इनमें भी हांगकांग, थाइलैंड, कोरिया सहित कुछ अन्य देशों के पर्यटक हैं। अमेरिका और ब्रिटेन के पर्यटक लंबे अरसे से धर्मशाला का रुख नहीं कर रहे हैं।
मिनी इजराइल कहे जाने वाले धर्मकोट से भी अधिकतर इजराइली वापस लौट गए हैं। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी बांबा का कहना है कि विदेशी पर्यटकों ने धर्मशाला से मुंह मोड़ लिया है। धर्मगुरु दलाईलामा के दीदार के लिए जरूर थोड़े बहुत पर्यटक पहुंच रहे हैं। प्रशासन को इस पर कदम उठाने चाहिए।
माकूल सुविधाएं न होना बता रहे कारण
पर्यटन व्यवसायियों की मानें तो मैक्लोडगंज में विदेशी पर्यटकों को माकूल सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। इसी के चलते यहां पर विदेशी मेहमानों का आना कम हुआ है। इसके अलावा सड़कों पर लगने वाला घंटों जाम और हवाई सेवाओं में कमी भी विदेशी पर्यटकों की कमी का कारण है।
दिल्ली-पंजाब के पर्यटकों से होटल पैक
जून माह तक होटल पूरी तरह से पैक हो चुके हैं। राजधानी दिल्ली और पंजाब के सैलानियों ने अग्रिम बुकिंग की है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल से भी कुछ पर्यटकों ने विभाग के होटलों में बुकिंग करवाई है। विभाग के होटलों में जून माह तक की आक्युपेंसी 100 प्रतिशत है।
जिला कांगड़ा में पर्यटन विभाग के नौ होटल हैं। मौजूदा समय में सभी होटल जून माह तक पूरी तरह से पैक हो चुके हैं। इस दौरान किसी भी विदेशी मेहमान ने अग्रिम बुकिंग अभी तक नहीं करवाई है। यह चिंता का विषय है।-अनिल महाजन, डीजीएम, पर्यटन विभाग धर्मशाला।