किन्नर-कैलाश यात्रा पर गए एनआईटी छात्र को मिली खौफनाक मौत
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किन्नर-कैलाश यात्रा पर गए एनआईटी के छात्र की सिर पर पत्थर गिरने से मौत हो गई। यह अपने तीन साथियों के साथ यात्रा पर निकला था। तीन साथी भी एनआईटी कुरुक्षेत्र के छात्र हैं। किन्नर कैलाश से कुछ दूर पहले ढांक के पास यह हादसा हुआ। शनिवार चारों यात्रा पर निकले थे।
दोपहर बारह बजे चारों ढांक के नीचे से गुजर रहे थे, इसी बीच ऊपर से एक पत्थर आया और विकास पुत्र वजीर सिंह निवासी जींद, हरियाणा के सिर पर गिर गया। बताया जा रहा है कि गहरी चोट लगने के कारण विकास ने वहीं दम तोड़ दिया। तीनों दोस्त विकास को ढांक के साथ लगती एक गुफा में ले गए।
तीनों दोस्त विकास के शव के साथ रात भर गुफा में मदद का इंतजार करते रहे और मोबाइल पर भी पुलिस के साथ संपर्क करते रहे। विकास के तीन दोस्त लखविंद्र पुत्र रेशराम गांव सागूवाला सिरसा हरियाणा, बृजराज हल्द्वानी नैनीताल उत्तराखंड और राकेश राजस्थान का रहने वाला है।
रविवार सुबह करीब चार बजे फोन पर पुलिस को हादसे की सूचना इन छात्रों ने दी। सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर रवाना हुई। करीब तीन बजे टीम गुफा में पहुंची। विकास को उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने विकास के परिजनों को सूचित कर दिया। इसके दोस्तों से भी पुलिस ने पूछताछ की है। शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।
11 अगस्त को संपन्न हो चुकी है यात्रा
डीएसपी किन्नौर बीडी भाटिया ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल में रखा गया है । परिजनों को पुलिस ने सूचित कर दिया है । उन्होंने कहा कि यात्रा पर गए छात्रों को रेस्क्यू टीम ने रविवार करीब तीन बजे निकाला । रविवार सुबह इन श्रद्धालुओं ने किन्नौर प्रशासन को सूचित किया था।
सूचना मिलते ही भेज दी थी टीम
एसडीएम कल्पा अवनिद्र शर्मा ने बताया कि रविवार को जैसे ही एक श्रद्धालु को पत्थर लगने की सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस और होमगार्ड की रेस्क्यू टीम घटना स्थल पर पहुंची और विकास को क्षेत्रिय अस्पताल पहुंचाया जहां, चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। तीन अन्य छात्रों को भी रिकांगपिओ लाया गया। घटना में एक छात्र की मौत हो गई है।
आधिकारिक रूप से संपन्न हो चुकी है यात्रा
किन्नर- कैलाश की यात्रा आधिकारिक रूप से एक से 11 अगस्त तक चलती है और यह यात्रा संपन्न हो चुकी है। प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि अब किन्नर कैलाश की यात्रा न करें।