एनआईटी हमीरपुर: विद्यार्थियों को प्रवेश पर बतानी होंगी नशे से जुड़ी आदतें
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एनआईटी हमीरपुर में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने से पहले नशे से संबंधित अंडरटेकिंग (जिम्मेदारी स्वीकार्यता) देनी होगी। पिछले वर्ष ड्रग के ओवरडोज से बिलासपुर के एमटेक के छात्र की मौत हो गई थी। उसके बाद संस्थान से जुड़े विद्यार्थियों और स्टाफ की चिट्टे के मामले में संलिप्तता के बाद यह निर्णय लिया है। अब एनआईटी में बीटेक, एमटेक समेत अन्य कोर्स में प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों को अंडरटेकिंग देनी होगी। प्रवेश के साथ पंजीकरण के दौरान अंडरटेकिंग ली जाएगी, जिसका जिम्मा डीन स्टूडेंट को सौंपा गया है। विद्यार्थियों के पंजीकरण के बाद इंडक्शन कार्यक्रम कॉलेज में आयोजित होता है। इस कार्यक्रम से पूर्व ही अंडरटेकिंग ली जाएगी। इस अंडरटेकिंग का परफार्मा डिजाइन कर लिया गया है। एनआईटी में पंजीकरण का कार्य 10 से 14 अगस्त तक होगा। इस अंडरटेकिंग परफार्मा में मानसिक बीमारियों, नशे से जुड़ीं आदतों और नशे की वजह से कोई अनहोनी होने पर स्वयं जिम्मेवारी होने का जिक्र होगा। यदि कोई विद्यार्थी नशे का आदी होगा या वह मानसिक अवसाद से ग्रसित होगा, तो इसका ब्योरा दिया जाना अनिवार्य होगा।
योअर दोस्त से होगी काउंसलिंग
दरअसल, योजना के पीछे विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करना है, ताकि मानसिक अवसाद की वजह से बच्चे कोई गलत कदम न उठाएं। विद्यार्थी अक्सर इस तरह की दिक्कतों को शिक्षकों और अभिभावकों से साझा नहीं करते हैं। ऐसे में योअर दोस्त वेबसाइट का पंजीकरण भी एनआईटी प्रबंधन ने लिया है, ताकि विद्यार्थी बिना अपनी पहचान बताए मानसिक अवसाद से बाहर आ सकें। इसके अलावा एनआईटी प्रबंधन ने मनोवैज्ञानिक की नियुक्ति भी संस्थान में की गई है।