Himachal: 1 से 5 मई तक रेंज में प्रशिक्षण लेंगे नवनियुक्त वन मित्र, सीएम ने जारी किया मैनुअल
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को ओक ओवर, शिमला में नवनियुक्त वन मित्रों के लिए प्रशिक्षण मैनुअल जारी किया।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को नवनियुक्त वन मित्रों के लिए प्रशिक्षण मैनुअल जारी किया। इस मैनुअल का उपयोग वन मित्रों को वन अग्नि प्रबंधन, विभागीय कार्यप्रणाली, नर्सरी प्रबंधन, विभिन्न पौधरोपण कार्यक्रमों और समग्र वन प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षित करने के लिए किया जाएगा। वन मित्र 1 से 5 मई तक अपनी-अपनी रेंज में प्रशिक्षण लेंगे। सभी वन मंडल अधिकारियों (डीएफओ) को प्रशिक्षण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है और वह इसकी निगरानी करेंगे। 1,896 वन मित्र अपने-अपने स्थानों पर कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने मैनुअल को प्रशिक्षण केंद्रों और प्रशिक्षकों को शीघ्र वितरित करने के निर्देश देते हुए उच्च प्रशिक्षण प्रदान करने की आवश्यकता पर जो दिया, जिससे वन मित्र विभाग की कार्यप्रणाली से अच्छी तरह जानकर अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें। उन्होंने प्रशिक्षण मैनुअल को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह 15 मई के बाद नवनियुक्त वन मित्रों से संवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वन विभाग को सशक्त करने के लिए कर्मचारियों की भर्ती और आधुनिक तकनीक उपलब्ध करवाने पर विशेष बल दे रही है। इस अवसर पर विधायक संजय अवस्थी, प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन बल प्रमुख समीर रस्तोगी सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
आग की घटनाओं पर सतर्क रहे वन विभाग
सीएम सुक्खू ने कहा कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए वन विभाग को आग की घटनाओं पर सतर्क रहना चाहिए। वनों के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। वन मित्र भर्ती कार्यक्रम के तहत अब तक पूरे प्रदेश में 1,896 वन मित्र अपने-अपने स्थानों पर कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं।
खाली पड़े सरकारी कार्यालयों को धर्मशाला स्थानांतरित करने का आग्रह किया किया
वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी के नेतृत्व में धर्मशाला से आए प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से शिमला सहित विभिन्न स्थानों पर किराये के मकानों में चल रहे सरकारी कार्यालयों को धर्मशाला में खाली पडे़ सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ कम करने के साथ कुछ शहरी क्षेत्रों में भीड़ कम करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाही की जाएगी।
