Himachal: नवनियुक्त चिकित्सकों को नहीं मिलेगा एनपीए, सरकार ने जारी की अधिसूचना
अब नए भर्ती डॉक्टरों को नॉन प्रैक्टिस अलांउस यानी एनपीए नहीं मिलेगा। यह व्यवस्था सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मेडिकल शिक्षा, डेंटल, आयुष और पशुपालन विभाग में नवनियुक्त चिकित्सकों के लिए की जाएगी।
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हिमाचल प्रदेश में अब नए भर्ती डॉक्टरों को नॉन प्रैक्टिस अलांउस यानी एनपीए नहीं मिलेगा। यह व्यवस्था सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मेडिकल शिक्षा, डेंटल, आयुष और पशुपालन विभाग में नवनियुक्त चिकित्सकों के लिए की जाएगी। सरकार के वित्त विनियमन विभाग ने गुरुवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। यह अधिसूचना प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग ने जारी की है। उल्लेखनीय कि डॉक्टरों को यह एनपीए मूल वेतन का 20 प्रतिशत ही मिलता है। नए भर्ती डॉक्टरों को यह करीब तीन हजार रुपये मिलता है। अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों को इसे करीब 4 हजार रुपये से लेकर लगभग 20 हजार रुपये तक दिया जाता है। हालांकि, पुराने भर्ती चिकित्सकों को यह पहले की तरह दिया जाता रहेगा।
नए डाक्टरों के लिए एनपीए बंद किए जाने पर भड़के डॉक्टर
प्रदेश सरकार की ओर से नए डॉक्टरों के लिए एनपीए बंद किए जाने के विरोध में हिमाचल प्रदेश चिकित्सक संघ चिकित्सक संघ भड़क गया है। वित्त विभाग ने वीरवार को इसकी अधिसूचना जारी की है। इसके बाद प्रदेश चिकित्सा संघ ने बैठक कर सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध किया। संघ के अध्यक्ष डॉ. राजेश राणा ने कहा कि हिमाचल में डाॅक्टरों के वेतन को लेकर पंजाब सरकार की तर्ज पर निर्णय लिए जाते हैं। प्रदेश सरकार की ओर से लिया गया यह निर्णय चिकित्सकों के हित में नहीं है।
डॉ. राणा ने कहा कि हिमाचल में चिकित्सकों को एनपीए दिया जाता है। जिन राज्यों में डाक्टरों को एनपीए नहीं दिया जाता है, उनकी स्वास्थ्य सेवाएं निम्न स्तर पर हैं। डॉक्टरों को दिन-रात सेवाएं देने के बावजूद अगर सरकार का ये रवैया रहता है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। डॉक्टरों का काम जनसेवा से जुड़ा है। आपदा के समय भी डॉक्टर जान जोखिम में डालकर सेवाएं देते हैं। चाहे कोविड-19 हो या कोई भी अन्य परिस्थिति हो। डाॅक्टर दिन-रात सेवाएं देते हैं। चिकित्सक के नियुक्त होने के बाद 25 से 30 साल बाद खंड चिकित्सा अधिकारी बनता है। ऐसे में चिकित्सकों को एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्कीम के तहत 4-9-14 इंक्रीमेंट का लाभ दिया जाता था उसे भी छीन लेना न्याय संगत नहीं है।
संघ के महासचिव डॉ. विकास ठाकुर ने मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य विभाग में अन्य विभागों से की गई नियुक्तियां को शीघ्र रद्द करने और स्वास्थ्य विभाग के पदों को एमबीबीएस की योग्यता प्राप्त चिकित्सकों से भरने की मांग की है। इस वार्ता में संघ के सह सलाहकार डॉक्टर संत लाल शर्मा, जीवानंद चौहान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ अनुपम बधन, डॉक्टर सौरभ शर्मा, उपाध्यक्ष डॉ अनंत विजय राघव, डॉक्टर करनजीत सिंह, डॉक्टर अंजली चौहान, डॉ. मोनिका पठानिया, महासचिव डॉ. विकास ठाकुर, संयुक्त सचिव डॉ. जितेंद्र सिंह रुड़की, डॉक्टर सुनीश चौहान, डॉक्टर मोहित डोगरा, डॉक्टर यासमीन, कोषाध्यक्ष डॉक्टर प्रवीण चौहान, प्रेस सचिव डॉक्टर विजय राय व जिला कार्यकारिणी के डाॅक्टर उपस्थित थे।