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Shimla: सीता राम येचुरी बोले- केंद्र में कांग्रेस सरकार के रहते लागू हुई नई पेंशन योजना

Tue, 08 Nov 2022 07:20 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 08 Nov 2022 07:20 PM IST
सार

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राष्ट्रीय सचिव सीता राम येचुरी ने कहा कि कर्मचारियों के लिए निश्चित पेंशन लागू की जानी चाहिए थी। अब केंद्र की भाजपा सरकार के एनपीएस का पैसा लौटाने पर ही पुरानी पेंशन लागू हो सकती है। इस मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार चुप है। 

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New pension scheme implemented during Congress government at the center
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राष्ट्रीय सचिव सीता राम येचुरी। - फोटो : संवाद

विस्तार

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राष्ट्रीय सचिव सीता राम येचुरी ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस सरकार के रहते ही नई पेंशन योजना लागू की गई थी। माकपा ने इसका कड़ा विरोध किया तो चिदंबरम ने कहा था कि आप कौन होते हैं, जब कर्मचारी चाहते हैं। उस समय पश्चिम बंगाल, केरल और त्रिपुरा की वामपंथी सरकारों ने नई पेंशन योजना को लागू करने से साफ मना कर दिया था। कर्मचारियों के लिए निश्चित पेंशन लागू की जानी चाहिए थी। अब केंद्र की भाजपा सरकार के एनपीएस का पैसा लौटाने पर ही पुरानी पेंशन लागू हो सकती है। इस मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार चुप है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए राज्यों में वामपंथी सरकारें लाना जरूरी हैं। 

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येचुरी ने मंगलवार को यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि देश और प्रदेश की जनता महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त है। विधानसभा में आम जनता की आवाज उठाने को माकपा और भाकपा के 12 वामपंथी विधायक जीतकर लाने जरूरी हैं। देश के 130 करोड़ लोगों में से 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है परंतु इसे पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाली रसोई गैस एक हजार रुपये से ज्यादा की हो गई है।  येचुरी ने कहा कि केंद्रीय विभागों और सेना में करीब दस लाख पद खाली हैं और सेना में अग्निवीर की अस्थायी नौकरी देने की बात कह रहे हैं। केंद्र सरकार पूंजीपतियों को 11 लाख करोड़ के ऋण माफ न करती तो देश में विकास का ढांचा तैयार किया जा सकता था। इससे देश में स्थायी रोजगार दिया जा सकता था। उन्होंने कहा कि हिमाचल में जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर सेब का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होना चाहिए। 

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