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सरकारी क्षेत्र में आठ आरटीपीसीआर और 25 ट्रूनॉट लैब में हो रहे हैं कोरोना परीक्षण
Sat, 08 May 2021 05:55 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 08 May 2021 05:55 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के शुक्रवार को सरकार को कोरोना टेस्टिंग की क्षमता बढ़ाने के आदेश के बाद शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने टेस्टिंग को लेकर कदमताल शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने बयान जारी कर बताया कि सरकार ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 8 आरटीपीसीआर और 25 ट्रूनॉट लैब स्थापित की हैं। सभी बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में रैपिड एंटीजन टेस्ट भी किए जा रहे हैं।
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कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लेते डॉक्टर। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के शुक्रवार को सरकार को कोरोना टेस्टिंग की क्षमता बढ़ाने के आदेश के बाद शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने टेस्टिंग को लेकर कदमताल शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने बयान जारी कर बताया कि सरकार ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 8 आरटीपीसीआर और 25 ट्रूनॉट लैब स्थापित की हैं। सभी बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में रैपिड एंटीजन टेस्ट भी किए जा रहे हैं।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि सरकार कोरोना परीक्षण सुविधा बढ़ाने को हरसंभव प्रयास कर रही है। कांगड़ा और सिरमौर के एक निजी अस्पताल को ट्रूनॉट टेस्ट की अनुमति दी है। निजी क्षेत्र में अब तक 20 प्रयोगशालाओं और अस्पतालों में इस टेस्ट की सुविधा शुरू की गई है। प्रदेश में अब तक लगभग 16 लाख कोरोना टेस्ट किए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में वॉक इन कियोस्क स्थापित करने को पहले ही दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
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अब विभाग ने शहरों, कस्बों, गांवों, महाविद्यालयों, विद्यालयों, सामुदायिक केंद्रों और खाली स्थानों में समर्पित रैपिड एंटीजन टेस्ट बूथ बनाने के निर्देश दिए हैं। जिन लोगों में कफ और कफ रहित बुखार, सिर दर्द, गला खराब होना, शरीर में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, स्वाद और सुगंध की शक्ति क्षीण होना, थकावट और डायरिया जैसे लक्षण पाए जाते हैं, उन्हें भी कोरोना संदिग्ध माना जाएगा।
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