विश्व प्रसिद्ध रोहतांग दर्रे पर एनजीटी ने सुनाया बड़ा फैसला
- अब रोहतांग में रोजाना जा सकेंगे 800 पेट्रोल और 400 डीजल वाहन
- दर्रे में फोटोग्राफी और कुल्लवी ड्रेस के कारोबार को भी दी इजाजत
- पहले की तरह सोलंगनाला, मढ़ी में होगी पैराग्लाइडिंग, दौड़ेंगे स्नो स्कूटर
- व्यावसायिक गतिविधियों के साथ स्वच्छता रखने के दिए सख्त निर्देश
- एनजीटी ने रोहतांग मामले में मनाली के कारोबारियों को दी बड़ी राहत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने विश्व प्रख्यात पर्यटन स्थल रोहतांग दर्रा में वाहनों के आवागमन और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सोमवार को अहम निर्देश दिए। एनजीटी ने रोहतांग दर्रे में रोजाना 600 के बजाय 800 पेट्रोल वाहन जाने की अनुमति दे दी है। डीजल वाहन पहले की तरह 400 ही जा पाएंगे।
इसकी संख्या बढ़ाने से बेंच ने अनुमति नहीं दी। साथ ही व्यावसायिक गतिविधियों पर लगाई पूर्ण रोक में भी सशर्त छूट दी है। रोहतांग में फोटोग्राफी और कुल्लवी ड्रेस के कारोबार पर लगाई पाबंदी हटा दी है। इसके लिए अलग से लाइसेंस जारी होंगे। चिन्हित साइट पर इस काम के अलावा कुछ भी करने की इजाजत नहीं होगी।
हालांकि, अन्य गतिविधियों पर अभी रोक बरकरार है। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रा मामले पर सुनवाई की। बेंच ने अपने विस्तृत निर्देश में स्पष्ट किया है कि रोहतांग दर्रा के निचले इलाकों में पर्यावरण को ध्यान रखते हुए कुछ गतिविधियों को चलने की इजाजत होगी।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ये भी दिए आदेश
एनजीटी के निर्देशों के अनुसार अब मनाली के सोलंगनाला और मढ़ी में पैराग्लाइडिंग भी करवाई जा सकती है। पैराग्लाइडिंग के दौरान यहां सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखने को कहा है। राज्य सरकार के हलफनामे में प्रदूषण न फैलाने के आश्वासन के बाद बेंच ने 50 स्नो स्कूटर ब्यासनाला से सागू फॉल और गुलाबा में चलाने की अनुमति दी है।
यहां केवल फोर स्ट्रोक स्नो स्कूटर ही चलाए जा सकेंगे। टू स्ट्रोक स्नो स्कूटर से अधिक प्रदूषण होने के कारण इन्हें यहां चलाने की मंजूरी नहीं दी गई है। एनजीटी ने रोहतांग पास में तीस इको फ्रेंडली शौचालय स्थापित करने के भी आदेश दिए हैं। व्यावसायिक गतिविधियों वाले स्थानों पर एनजीटी ने सफाई को लेकर सख्त आदेश दिए हैं।
सॉलिड वेस्ट किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। मनाली में चिन्हित रूटों पर 200 घोड़े वाले भी सैलानियों को सैर करवा सकेंगे। लेकिन रोजाना घोड़ों की लीद उठानी होगी। अवहेलना करने पर पांच हजार रुपये जुर्माना किया जाएगा। एनजीटी के इस फैसले से रोहतांग में स्थानीय कामकाजी महिलाओं और मनाली के कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है
बेंच ने जांच के लिए नियुक्त किए कोर्ट कमिश्नर
बेंच ने रोहतांग दर्रा और आस-पास इलाकों में पर्यावरण और पारिस्थितिकी की जांच के लिए 6 लोकल कमिश्नर भी नियुक्त किए हैं। इन सभी कमिशनर्स को इलाके में मौजूद बर्फ पर जमने वाले ब्लैक कॉर्बन की जांच और ठोस कचरे का निपटारा के अलावा
प्रदूषण की स्थिति जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तीन हफ्ते में पेश करने का निर्देश दिया है। बेंच ने कहा कि इस रिपोर्ट के बाद ही रोहतांग दर्रा में अन्य गतिविधियों को अनुमति देने के संबंध में विचार किया जाएगा।
गौर हो कि एनजीटी ने 6 जुलाई 2015 को रोहतांग में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाई थी। 17 अगस्त 2015 को वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा था। बाद में रोजाना 600 पेट्रोल और 400 डीजल वाहन जाने की छूट दी थी ।