नेशनल अचीवमेंट सर्वे: तीसरी के बच्चों के लर्निंग लेवल का पता लगाने के लिए होगा सर्वे
प्रदेश के सभी 12 जिलों के 205 स्कूलों से 10-10 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। कुल 2050 विद्यार्थी परीक्षा में हिस्सा लेंगे। केंद्र सरकार की ओर से एक दिन में एक ही समय में 90 से लेकर 120 मिनट की वैकल्पिक परीक्षा होगी। इसमें पहली बार प्राइवेट स्कूलों को भी शामिल किया गया है।
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देशभर में तीसरी कक्षा के बच्चों ने पिछले तीन साल में क्या पढ़ा, क्या सीखा, उनमें सीखने की कितनी क्षमता है, एक सर्वे के माध्यम से अब उनके लर्निंग लेवल का पता चल पाएगा। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) 23 से 25 मार्च तक नेशनल अचीवमेंट सर्वे कर रही है। हिमाचल में इस सर्वे के लिए प्रदेश राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) सोलन को जिम्मेवारी दी गई है। तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों की प्रारंभिक साक्षरता, संख्यात्मक कौशल के अलावा बौद्धिक विकास और शिक्षा के स्तर को जांचने के लिए आंकलन होगा।
केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने निपुण भारत मिशन के तहत वर्ष 2026-27 तक सभी विद्यार्थियों में फाउंडेशनल लर्निंग स्टेंडर्ड विकसित करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया है। विद्यार्थियों का शिक्षा स्तर जांचने के लिए राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण करवाने जा रहा है। सरकारी स्कूलों, सहायता प्राप्त तथा मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों, नवोदय और केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की सीखने की क्षमता के आंकलन के लिए नेशनल अचीवमेंट सर्वे पूरे भारत में एक साथ होगा। सर्वे के लिए जिला समन्वयकों के अलावा फील्ड इंवेस्टिगेटर के लिए कार्यशाला का आयोजन हो चुका है। जिले में इस परीक्षा को लेकर 14 मार्च को मॉक टेस्ट भी आयोजित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर या परीक्षा पूरे देश में एक ही दिन संचालित होती है। परीक्षा में भाग लेने वाले स्कूलों का चयन राज्य की ओर से होता है।
परीक्षा के लिए 205 स्कूलों से 10-10 बच्चों का चयन
इस परीक्षा के लिए प्रदेश के सभी 12 जिलों के 205 स्कूलों से 10-10 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। कुल 2050 विद्यार्थी परीक्षा में हिस्सा लेंगे। केंद्र सरकार की ओर से एक दिन में एक ही समय में 90 से लेकर 120 मिनट की वैकल्पिक परीक्षा होगी। इसमें पहली बार प्राइवेट स्कूलों को भी शामिल किया गया है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे एक नमूना आधारित सर्वेक्षण है, जिससे शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए एक प्रामाणिक आंकड़ों का विस्तृत आधार उपलब्ध होता है।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रख कार्यक्रम तैयार होंगे
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर यह परीक्षा आयोजित हो रही है। इस सर्वे का उद्देश्य प्रदेशों के सभी सरकारी स्कूलों सहित सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के सीखने के उपलब्धि स्तर का आंकलन करना है। इसके आधार पर भविष्य में स्कूलों और शिक्षकों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक नीतियां और कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। कोरोना महामारी के कारण विद्यार्थियों के बौद्धिक स्तर पर काफी असर पड़ा है। ऐसे में यह परीक्षा विद्यार्थियों के लिए कारगर साबित होगी। इन्हें ग्रामीण, शहरी, ग्रामीण, प्राइवेट, सरकारी आदि पैमानों पर मापा जाएगा।
23 से 25 मार्च तक नेशनल अचीवमेंट सर्वे का संचालन किया जा रहा है। तीसरी कक्षा के विद्याथियों की प्रारंभिक साक्षरता, संख्यात्मक कौशल के अलावा बौद्धिक विकास और शिक्षा स्तर का आंकलन होगा। 12 जिलों के 205 स्कूलों से 10-10 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। - शिव कुमार शर्मा, राज्य कोऑर्डिनेटर, नेशनल अचीवमेंट सर्वे शिमला